मातृकुंडिया से जितना छोड़ा पानी, आधा भी नहीं पहुंचा मेजा
वस्त्रनगरी की जीवन रेखा कहलाने वाले मेजा बांध की आस और हमारी प्यास अब भी अधूरी है। दस दिन पहले चित्तौड़गढ़ के मातृकुंडिया बांध से मेजा फीडर में पानी छोड़ा गया था, जो आधा भी भीलवाड़ा के मेजा बांध तक नहीं पहुंच पाया। जल संसाधन विभाग के तमाम प्रयास के बावजूद फीडर से छोड़ा पूरा पानी मेजा तक नहीं पहुंचा। इसका कारण फीडर और मेजा बांध के बीच में आ रहे सात तालाब और एक बांध हैं, जो पानी की राह में रोडा बन गए। ग्रामीणों के इन जलाशयों को खोल देने से फीडर का पानी इसमें पहुंच गया। इससे मेजा बांध तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार, मातृकुंडिया बांध के लबालब होने के बाद 21 अगस्त की शाम को मेजा फीडर में पानी छोड़ दिया गया था। 58 किलोमीटर का सफर तय कर अस्सी घंटे में पानी मेजा बांध पहुंचा। पौने दो मीटर तक फीडर के गेट खोले गए थे। यह मेजा बांध तक पहुंच कर महज दस सेमी तक रह गया। 31 फीट के भराव क्षमता का मेजा बांध का गेज दस दिन बाद भी आठ फीट पर अटका हुआ है। कहा जा रहा है कि इतना पानी तो बारिश से ही भर गया B विभाग की कैसी निगरानी मातृकुंडिया से मेजा बांध के बीच अरनिया, मानियास, सोमी, करजा, उच...