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Showing posts from April, 2022

तर्पण ही नहीं, रोजी-रोटी के इंतजाम भी करती है त्रिवेणी में डुबकी, निकालते गहने और सिक्के

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भीलवाड़ा। देश में तीन नदियों के संगम त्रिवेणी को लोग पवित्र मानते हैं। यहां सालों पूर्व से लोग दिवंगतों की अस्थियों को तर्पण करते आए हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मृत आत्माओं को मोक्ष मिलता है। मेवाड़ की गंगा यानी बनास, बेड़च व मेनाली के संगम को पवित्र स्थलों में गिना जाता है। इस त्रिवेणी संगम को लोग छोटा हरिद्वार भी कहते हैं, जहां लोग मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दिवंगतों की अस्थ्यिां बहाते हैं। यह तर्पण का तरीका है, वहीं इन अस्थ्यिों में कुछ लोग अपनी रोजी-रोटी तलाशते हैं। इससे इनका परिवार पलता है। ये अस्थ्यिों के साथ सोने-चांदी की कीमती वस्तुओं की आस में डुबकी लगाते हैं। इसमें मिली कीमती धातु की चीजों को बेचकर गुजर बसर करते हैं। विभिन्न पर्व व मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। त्रिवेणी संगम में प्रवाहित अस्थियों को किनारे से हटाने व उनको पानी में गलाने के लिए यहां स्थित शिव मंदिर के ट्रस्ट प्रबंधन के कर्मचारी काम करते हैं। बाहर से आए लोग सर्दी, गर्मी व बारिश बारह माह इन लोगों का यहां से मिलने वाले वस्तुओं को बेचकर अपना व परिवार का गुजारा चलाते हैं।...

कीमतें बढऩे के कारण स्पिनिंग मिलें नहीं कर पाई तीन माह का स्टॉक

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जयप्रकाश सिंह भीलवाड़ा। इस साल प्राकृतिक आपदा और कीट के प्रकोप के चलते दुनिया भर में कपास का उत्पादन कम हुआ है। दो साल बाद कोरोना का असर कम होने से विदेशों में कपास के साथ सूती धागे की मांग बढऩे से इनके दाम में जबरदस्त तेजी आ गई है। कपास का भाव पिछले साल के मुकाबले दोगुना है, वहीं सूती धागे की कीमतों में खासी बढ़ोतरी हो गई है। कपास का भाव पिछले साल साढ़े पांच हजार से 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल था, जो इस बार बढ़कर 12 हजार रुपए क्विंटल तक पहुंच गया है। पहले सूती धागा 180 से 190 रुपए प्रति किलोग्राम मिल रहा था, वह अब 230 से 280 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। सूती धागे के साथ अन्य कई तरह के धागे में भी तेजी बनी हुई है। ऐसे में सभी तरह के कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार प्राकृतिक आपदा और कीट के प्रकोप के कारण भारत, अमरीका समेत दुनिया के कई देशों में कपास की फसलों को बहुत नुकसान हुआ। इस कारण इसका उत्पादन प्रभावित हुआ । ऐसे में कपास के भाव पिछले साल के मुकाबले दोगुने हो गए। सूती मिलों को पिछले साल 45 से 55 हजार में एक खण्डी [355.620 किलोग्राम] कपास मिल...

32 साल से परिंदो की खिदमत कर रहे साजन, कब्रिस्तान में करते दाना-पानी का इंतजाम

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भीलवाड़ा। परिंदो के प्रति बेपनाह मोहब्बत का दूसरा नाम है साजन खां पठान। सोरगरों की गली में रहने वाले 68 साल के साजन खां तीन दशक से अधिक समय से पङ्क्षरदों की लगातार खिदमत कर रहे हैं। साजन बीते 32 साल से कब्रिस्तान में पक्षियों के लिए पङ्क्षरडे लगा रहे हैं। अब तक 15 हजार से अधिक परिंंडे लगा चुके हैं। साजन बा के नाम से मशहूर पठान परिंदों के नियमित दाना पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। पहले वे यह काम अकेले कर रहे थे, लेकिन लोगों ने उन्हें परिंदों की सेवा करते देखा तो वे भी उनके साथ हो लिए। पठान की प्रेरणा से दूसरे लोग भी परिंडे व दाना उपलब्ध कराने लगे। साजन रोजाना पर‍िंडों को धोकर उनमें साफ पानी भरते हैं। उनके इस काम में अब बाबूभाई फौजदार, मुंबई आंतकी हमले में शहीद जहीन के पिता मतुद्दीन शेख व रफीक मोहम्मद आदि मदद करते हैं। ये पठान को पर‍िंडे आदि उपलब्ध कराते हैं। साजन बा परिंडों में पानी डालने को दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। पहचानने लगे पक्षी कब्रिस्तान में रोज दाना पानी डालते रहने से पठान को पक्षी अच्छे से पहचानने लगे हैं। जब वे परिंडों में पानी भरते हैं तो पक्षी आसपास आ जाते हैं। द...

Bhilwara Irrigation Department नाहर सागर बांध के मानसून में टूटने का खतरा

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Bhilwara Irrigation Department फूलियाकलां क्षेत्र का सबसे बड़ा नाहर सागर बांध के मानसून काल में टूटने का खतरा बना हुआ है। बांध की पाल व पिचिंग में दरारें हो रही और बड़े गडढ़े अनदेखी की पीड़ा बयां कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग को लापरवाही भारी पड़ सकती है। आलम यह है कि बांध के गेट को खोलने का मौका आया तो अफसरों की सांसें फूल सकती है। Bhilwara Irrigation Department रियासत काल के समय बने बांध की सार संभाल नहीं हाेने से पाल काे खतरा है। पूर्व में भी कई बार बांध की पाल में गल्ला लग चुका है। ग्रामीणों ने इसे लेकर अफसरों को शिकायत की। इसके बाद भी देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है। मरम्मत के लिए बजट नहीं मिलने से यह िस्थति बनी हुई है। पांच हजार हैक्टेयर में सिंचाई 16 फीट भराव क्षमता वाले बांध का केचमेंट एरिया 539 वर्ग किमी है। इससे 4777 हैक्टेयर भूमि सिंचित होती है। बांध के रखरखाव का जिम्मा जल संसाधन विभाग के पास है। पाल की मरम्मत व रखरखाव पर ध्यान नहीं देने से बांध ओवरफ्लो होने पर खतरा हो सकता है। पेटा क्षेत्र में रहने वाले भीमपुरा, डोहरिया व काशीपुरिया के ग्रामीणों को मानसून काल में पाल पर...

Bhilwara Irrigation Department careless बनने के बाद सुध ही नहीं ली कुंडिया बांध की

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Bhilwara Irrigation Department careless काछोला खेराड क्षेत्र का कुंडिया बांध दुर्दशा का शिकार हो रहा है। चार दशक पूर्व बने बांध की प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग सुध ले तो यह क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकता है। काछोला से तीन किलोमीटर दूर राजगढ़ पंचायत का एकमात्र सिंचाई और पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत बांध के डाउनस्ट्रीम में छेद होने से पानी का रिसाव हो रहा है। पाल भी क्षतिग्रस्त है।Bhilwara Irrigation Department careless ऐसे में वर्षो से बांध के पूर्ण रूप से भरने में यह बाधक बने हुए है। बांध से सालभर पानी रिसता रहता है। क्षेत्र के किसान बांध को कुंडिया खाल के नाम से भी जानते हैं। बांध की नहरे कहीं कच्ची है तो कहीं पक्की। नहरें मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रही है। गेट पर लगा है जंग बांध के निर्माण के बाद बजट नहीं मिलने से इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। इससे बांध में लगे गेट जंग खा रहे है। बांध के ओवरफ्लो होने पर इसे खोलने की नौबत आई तो अधिकारियों की सांसें फूल सकती है। बारिश के समय हर बार समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जंग लगने के कारण गेट अटक जाते है । वर्ष.2010 में अच्छी वर्षा के कार...

March is now on mango मार्च की गर्मी का सितम अब आम पर

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भीलवाड़ा। मार्च माह की भीषण गर्मी का सितम अब शहर में फलों के शौकीन लोगों को झेलना पड़ रहा है। तेलांगना,आंध्रप्रदेश एवं गुजरात में बदले मौसम की सर्वाधिक मार फलों के राजा आम पर गिरने से शहर में गत वर्ष के मुकाबले आम की आवक इस बार बीस फीसदी भी नहीं हो सकी है। हालात यह है कि खास किस्म के आमों के दाम भी चढ़े हुए है। The summer season of March is now on mango जिले में आम की बड़ी खेप की आवक तेलांगना,आंध्रप्रदेश एवं गुजरात से होती है। मार्च में ही आमों की आवक शुरू हो जाती है और अप्रैल में मांग कई गुणा तक बढ़ जाती है, लेकिन इस बार आम की हालत बिगड़ी हुई है। The summer season of March is now on mango तीनों राज्यों से गत वर्ष अप्रैल में रोजाना सौ मैट्रिक टन की आवक हो रही थी, लेकिन इस माह यह आवक महज से दस से बारह टन ही रह गई है। आवक कम होने से थोक भावों में उछाल आया है, लेकिन बाजार में जो आम बिक रहा है, उसका स्वाद शौकीनों की जुबान पर नहीं चढ़ पा रहा है। The summer season of March is now on mango बादाम, हापूस व केसर में नुकसान थोक व्यापारी ओमप्रकाश टिक्याणी बताते है कि इस साल मार्च में प्रचंड ग...

Bad system in Bhilwara सड़क की डिजाइन में खामियां, हर पल हादसे का डर

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जयप्रकाश सिंह Bad system in Bhilwara यदि आप शहर की सड़कों से गुजर रहे है तो वाहन चलाते समय खास सावधानी बरते। शहर के कई इलाकों में सड़क की गलत डिजाइन और खामियों के चलते कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। शहर की सड़कों पर कहीं डिवाइडर गलत बने है तो कहीं सर्किल। कहीं डिजाइन गलत होने से यातायात बेतरतीब रहता है। सड़कों के किनारे लगने वाली चौपाटियां भी हादसे का सबब बन रही है। पत्रिका टीम ने शहर की विभिन्न सड़कों का अवलोकन किया तो उनमें कई तरह की खामियां मिली। कई जगह सड़क की डिजाइन ही गलत पाई गई।Bad system in Bhilwara शहर में सबसे ज्यादा यातायात चित्तौड़ रोड पर अजमेर चौराहे से रामधाम चौराहे तक रहता है। यहां करीब तीन किलोमीटर लम्बी सड़क पर यातायात की कई खामियां देखने को मिली। रेलवे ओवरब्रिज से साबुन मार्ग रेलवे अंडर ब्रिज तक सड़क की डिजाइन में अनेक खामियां है। मेवाड़ मिल के सामने मंदिर से लेकर सर्किट हाउस तक एक तरफ की सड़क काफी चौड़ी और दूसरी तरफ की सड़क संकरी है। सर्किट हाउस के सामने लेकर रेलवे फुट ओवरब्रिज तक डिवाइडर की डिजाइन बहुत गलत है। यहां पर अजमेर पुलिया की तरफ जाने के लिए डिवाइडर ...

negligence in bhilwara सो रही सरकार, खतरे में पाल

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जयप्रकाश सिंह negligence in bhilwara भीलवाड़ा जिले में स्थित बांधों और तालाबों की हालत खस्ता है। पिछले दस साल से इनकी विभाग ने कोई सुध नहीं ली और न ही मरम्मत हुई। मानसून दो माह बाद दस्तक दे देगा, लेकिन बांधों और तालाबों के रखरखाव की तैयारी सिर्फ कागजों में है। एक दशक में बांधों और तालाबों की मरम्मत के नाम पर केवल उनके गेट पर ऑयल.ग्रीस का काम हुआ जबकि कई बांध और तालाब को खासी मरम्मत की दरकार है।negligence in bhilwara दो सालों से कोरोना महामारी के कारण गेटं पर ऑयल.ग्रीस तक के लिए पैसा नहीं मिला। बरसों पूर्व जलाशयों के निर्माण के बाद उन्हें एक तरह से लावारिस हॉलत में छोड़ दिया गया है। जल संसाधन विभाग और पंचायत राज विभाग यह मान बैठा है कि कमजोर मानसून से जलाशयों में पानी की आवक नहीं होगी। लेकिन अतिवृष्टि होने पर बांधों और तालाबों की पाल को संभालना भारी पड़ सकता है। जिले में 638.99 मिलीमीटर बरसात का औसत है। इसके मुकाबले गत वर्ष 523 मिलीमीटर बरसात हुई, जो कि औसत का 81.73 प्रतिशत था। जल संसाधन विभाग विभाग अपने कार्य के प्रति कितना सजग है कि जिले के जलाशयों की मरम्मत के लिए 80 करोड़ रुपए क...

Rajasthan Patrika bhilwara राजस्थान पत्रिका की प्ररेणा पर अशोक ने बदलाव की ठानी

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भीलवाड़ा। राजस्थान पत्रिका एवं सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को श्रीमती वंदना देवी बडज़ात्या की स्मृति में विजय सिंह पथिक नगर स्थित विद्यासागर वाटिका में आयोजित मेगा रक्तदान एवं नेत्र जांच शिविर के प्रति लोगों में खासा उत्साह रहा। शिविर में डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने आंखों की जांच कराई। इनमें बीस रोगियों को ऑपरेशन के लिए चिंहित किया गया। बडजात्या परिवार समेत 21 जनों ने नेत्रदान का संकल्प लिया। इस दौरान 101 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्तदान में महिलाओं ने भी विशेष उत्साह दिखाया। Ashoka decided to change on the inspiration of Rajasthan Patrika मेगा रक्तदान एवं नेत्र जांच शिविर का मुख्य अतिथि जिला कलक्टर आशीष मोदी ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मोदी ने राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार और इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनों की स्मृति हों या जन्म दिन या फि र कोई विशेष अवसर, पीडि़त मानव सेवा के उद्देश्य से किए जाने वाले आयोजन जरूरतमंदों के लिए मददगार साबित होते है। मोदी ने कहा कि रक्तदान जैसे पुनीत कार्य की महती जरूरत है। सामाजिक संगठन...

inside story of Bhilwara यह है भीलवाड़ा की अंदर की बात

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This is the inside story of Bhilwara नरेन्द्र वर्मा. भीलवाड़ा। यह अनदेखी है या किसी को पिछले रास्ते से लाभ पहुंचाने की कोशिश। खातेदार को रास्ता देने के लिए अधिकारियों ने नहर पर ही पुलिया बना दी। सब कुछ गुपचुप हुआ, लेकिन अवैध कब्जे तो आंखों में खटकते हैं, कुछ को जानकारी हुई तो वह मामले को दबा भी गए, लेकिन शिकायत आलाकमान तक पहुंची तो फिर कार्रवाई होनी ही थी। मामला नगर विकास न्यास की जमीन से जुड़ा एवं आला के खुद प्रशासक होने से उन्होंने गंभीरता से लिया। लेडी सिंघम को मय जाप्ता भेजा, कुछ ही देर में बुलडोजर ने कब्जे में फंसी नहर की राह फिर खोल दी। मामला अब जांच में है, इस कार्यवाही से कुछ को तकलीफ हुई, लेकिन पांसल क्षेत्र की जनता खुश है। यह नहीं थके, कर रहे घंटों काम This is the inside story of Bhilwara गत एक पखवाड़े की शहर एवं जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक क्षमताओं का आंकलन करे तो यहां भी महिला अधिकारियों की महिला शक्ति का ही बोलबोला दिखा। कोरोना से मुक्ति के बाद शहर एवं जिले में आयोजनों के प्रति जोश है। उससे अधिकारियों की मशक्कत बढ़ गई है। चर्चा है कि इस दौरान महिला अध...

Bhilwara will get water दस करोड़ देंगे तो ही मिलेगा भीलवाड़ा को पानी

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भीलवाड़ा। भीषण गर्मी एवं गहराता पेयजल संकट, शहर की दर्जनों कॉलोनियां पेयजल संकट से हांफ रही है। जलदाय विभाग के दावों के विपरीत अधिकांश कॉलोनियों में दो दिन में एक घंटा पानी भी प्रतिदिन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। कई घरों में पानी के टैंकर आ रहे है, जबकि कई लोग टयूबवेल से पानी की ही चोरी करने को मजबूर है। Bhilwara will get water ऐसे विकट दौर में नगर विकास न्यास की दो बड़ी आवासीय कॉलोनियां नेहरू विहार योजना व हरणी खुर्द आवासीय योजना में तो चंबल का पानी तक नहीं पहुंचा है, जबकि दो कॉलोनी में बड़ी संख्या में परिवार बसे है। दोनों ही योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए चम्बल परियोजना के अधिकारी करीब दस करोड़ रुपए की मांग शहरी सहभागिता के रूप में कर रहे है। क्षेत्र की जनता की मांग व नगर विकास न्यास की फाइलें भी राज्य सरकार गत तीन साल से दबाएं बैठी है। शहर में नगर विकास न्यास ने तिलक नगर योजना क्षेत्र में नेहरू विहार आवासीय योजना वर्ष 2013 में विकसित की थी। सेक्टर 12 से 18 में ईडब्ल्यूएस,एलआईजी, एमआईजी आदि कुल 2836 आवासगृह निर्मित है। योजना पूर्ण की जाकर लाभार्थियों को आवास आवंटन किए ...

Bhilwara uit कब्जों पर गिरी यूआईटी की गाज

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भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास ने शहर में चित्तौडग़ढ़ आरोबी से पटेलनगर में मीरां सर्किल तक सड़क मार्ग पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। न्यास दस्ते ने सड़क मार्ग के दोनों तरफ एक दर्जन से अधिक केबिनें हटाई और कच्चे पक्के अवैध कब्जे ध्वंस्त किए। इस दौरान क्षेत्र के पार्षद व अन्य लोगों ने दस्ते की कार्यवाही का विरोध किया। UIT's charge fell on possession राजस्थान पत्रिका ने गत 24 मार्च के अंक में 'सरकारी जमीन पर कब्जा कर चला रहे मयखानाÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पटेलनगर में सौ फीट रोड पर काबिज केबिनों में सांझ ढलते ही अवैध रूप से शराब परोसने व आवारा तत्वों का जमावड़ा होने का खुलासा किया था। न्यास अधीक्षण अभियंता संजय माथुर ने इस पर कार्रवाई के लिए अधिशासी अभियंता रविश श्रीवास्तव की अगुवाई में विशेष टीम गठित की। टीम ने बुधवार को मौका मुआयना किया। पांच घंटे चली कार्रवाई श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को तहसीलदार शैतान सिंह यादव, कनिष्ठ अभियंता रोहन अजमेरा व रूचि अग्रवाल ने मय टीम चित्तौडग़ढ़ आरोबी से पटेलनगर में मीरां सर्किल तथा आईसीआई भवन तक सड़क मार्ग के दोनों तरफ अवैध रूप...

ससुराल में फंदे पर लटका मिला महिला का शव , पति समेत पांच पर दहेज हत्या का आरोप

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हमीरगढ़ कस्बे के गुर्जर मोहल्ले में रहने वाली महिला का सोमवार देर रात ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर शव लटका मिला। पीहर पक्ष के लोगों ने दहेज में दो लाख और बाइक की मांग पूरी नहीं करने पर उनकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतका के पिता ने पति समेत ससुराल पक्ष के पांच जनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। दोनों पक्षों ने पांच घण्टे हमीरगढ़ मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन किया। इससे वहां पुलिसकर्मी तैनात रहे। थानाप्रभारी हनुमानराम विश्नोई के अनुसार बेंगू की रहने वाली रितु सेन (27) का दो साल पूर्व हमीरगढ़ निवासी राजू सेन के साथ विवाह हुआ था। देर रात ससुराल में रितु का संदिग्ध परििस्थतियों में शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। सूचना पर हमीरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतार कर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने पीहर पक्ष को इसकी जानकारी दी। मृतका के पिता बेंगू निवासी कैलाश सेन हमीरगढ़ पहुंचे। उन्होंने बेटी की हत्या का आरोप लगाते हमीरगढ़ अस्पताल में हंगामा किया। इससे वहां माहौल गरमा गया। पिता ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज ...