राजस्थान की इस नगर परिषद में पांच साल में बदल गए चार सभापति, विवादों में बीत गया कार्यकाल
जसराज ओझा भीलवाड़ा. प्रदेश में संभवतया भीलवाड़ा एेसी नगर परिषद होगी जिसमें पांच साल के कार्यकाल में चार सभापति बदल गए। कभी भ्रष्टाचार की आंच तो कभी घटिया निर्माण के विवाद। सभापति व पार्षदों में खींचतान तो आयुक्त व सभापति में अनबन। पूरे पांच साल एेसे नाटक चले कि मूल काम ही भूल गए। इन विवादों के चलते पार्षदों को ही अपने अधिकार नहीं मिल सके। किसी भी सभापति ने नगर परिषद में पार्षदों की कमेटियां नहीं बनाई है। अब तो अगस्त में इस बोर्ड का कार्यकाल ही पूरा होने वाला है। एेसे में किसी ने इन कमेटियों पर ध्यान नहीं दिया है। स्थिति यह है कि इस बोर्ड में पहले भाजपा के टिकट पर ललिता समदानी सभापति बनी। कुछ समय बाद इनकी आयुक्त व पार्षदों के अनबन हो गई। फिर भाजपा नेताओं से अनबन पर समदानी को पार्टी से निकाल दिया। फिर निलंबित कर दिया और दीपिकाकंवर को सभापति बना दिया। वे स्थगन से फिर सभापति बनी और कांग्रेस में चली गई। इस पर भाजपा अविश्वास प्रस्ताव ले आई। कांग्रेस सरकार ने मंजू पोखरना को सभापति बनाया। वे नौ दिन रही और वापस उपचुनाव में मंजू चेचाणी सभापति चुनी गई है। एेसे में कमेटियां भी नहीं बन सकी। ----...