जप-तप से आत्मा का उद्धार संभव
भीलवाड़ा . प्रवर्तक सुकन मुनि ने कहा कि इंसान जानता है कि अकेला ही आया और अकेला ही जाएगा लेकिन फिर भी अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं करता। चाहे कितना भी धन कमा ले परंतु मानव अपने साथ नहीं ले सकता है। जप-तप से ही मानव का कल्याण हो सकता है, धन से नहीं। मुनि शास्त्रीनगर के अहिंसा भवन में नवकार महामंत्र के समापन दिवस पर सहजोड़े जाप के दौरान धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उपप्रवर्तक अमृत मुनि, युवाप्रणेता महेश मुनि, मुकेश मुनि, हरीश मुनि, अखिलेश मुनि, डॉ. वरुण मुनि ने महामंत्र की महिमा बताई। भवन अध्यक्ष अशोक पोखरणा ने बताया कि जाप में हिस्सा लेने वाले जोड़ों में से दस लक्की ड्रा निकाले। भवन व शांतिलाल मेड़तवाल की ओर से प्रभावना दी। संरक्षक हेमन्त आंचलिया, रिखबचन्द्र पीपाड़ा,संजुलता बाबेल, पुष्पा गौखरू, शांतिलाल खमेसरा, ललित लोढ़ा, हेमन्त बाबेल आदि ने विचार जताए। रविवार प्रात: 9 बजे से धर्मचर्चा तथा सोमवार से 8.30 बजे से उताराधन्य सूत्र का वाचन होगा। क्युप्रेशर शिविर आज भीलवाड़ा. श्री गणेश उत्सव प्रबन्ध एवं सेवा समिति भीलवाड़ा द्वारा वृद्धाश्रम अपना घर में रविवार को शुगर, घुटना दर्द, एक्यु...