मातृकुंडिया की झोली में आई हमारी खुशियां, फीडर खुलते ही भीलवाड़ा की जीवन रेखा को भरेगा

वस्त्रनगरी की जीवन रेखा मेजा बांध को भरने की उम्मीद को मातृकुंडिया बांध ने पंख लगा दिए। चित्तौड़गढ़ जिले में मातृकुंडिया बांध में गुरुवार शाम तक 18 फीट पानी आ गया। ऐसे में मातृकुंडिया िस्थत मेजा फीडर खुलते ही पानी कलकल कर भीलवाड़ा के लिए दौड़ लगाएगा। जल संसाधन विभाग ने फीडर खोलने की तैयारी शुरू कर दी। कई बार फीडर खोले जाने के बाद मेजा बांध में गेज चढ़ा। इससे पेयजल के साथ सिंचाई बंदोबस्त हुआ। मेजा फीडर में पानी छोड़े जाने का जलदाय विभाग को भी बेसब्री से इंतजार है।

बाघेरी नाका और नंदसमंद ने जगाई आस
राजसमंद जिले के बाघेरी नाका और नंदसमंद बांध ने मेजा को भरने की आस जगाई। बाघेरी नाका बांध भरने के बाद इसका पानी नंदसमंद बांध में आता है। नंदसमंद बांध मातृकुंडिया को भरता है। मातृकुंडिया का पानी मेजा बांध में आता है। बाघेरी के बाद नंदसमंद भरते ही उसके पांच गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। इससे एक सप्ताह पहले तक खाली मातृकुंडिया बांध में वर्तमान में 18 फीट पानी आ गया है। ऐसे में मेजा फीडर को जल्द खोले जाने का निर्णय लिया जा सकता है।
433 एमसीएफटी रिजर्व रखना, उसके बाद पानी पर हमारा हक

मातृकुंडिया बांध 22.57 फीट भराव क्षमता का है। इस समय 18 फीट पानी आ चुका है।राज्य सरकार के नियमानुसार बांध से 213 एमसीएफटी हिन्दुस्तान जिंक, 170 एमसीएफटी रेलमगरा के लिए तथा 50 एमसीएफटी पानी बनास नदी में छोड़ा जाता है। कुल 433 एमसीएफटी बांध में रिजर्व रखा जाता है। उसके बाद शेष पानी मेजा फीडर में छोड़ा जाता है। मातृकुंडिया से मेजा बांध तक 58 किलामीटर की लम्बी मेजा फीडर है।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/our-happiness-came-in-the-lap-of-matrukundiya-as-soon-as-the-feeder-o-7718924/

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