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दीपावली से पहले सुधरेगी सड़कें, 10 दिन में भरेंगे गड्ढे

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भीलवाड़ा . यह खबर शहर के बाशिंदों को खुश कर सकती है। उन्हें सड़कों पर हिचकोलों से राहत मिल सकती है। नगर परिषद, नगर विकास न्यास और आरयूआईडीपी की ओर से शहर की 49 सड़कों की दशा सुधारने का काम शुरू हो चुका है। शहर में अगले दस दिन में सड़कों के 80 प्रतिशत गड्ढे भर दिए जाएंगे। सड़कों का नवीनीकरण शुरू होगा। माना जा रहा है कि कुछ सड़कों को छोड़कर प्रमुख सड़कें दीपावली से पहले ही तैयार हो जाएगी। इन 49 सड़कों पर लगभग 42 करोड़ रुपए व्यय होंगे।   आरयूआईडीपी ने दी एनओसी आरयूआईडीपी शहर में सीवरेज का लगभग 99 प्रतिशत काम कर चुका है। आरसी व्यास, विजयसिंह पथिक नगर, चित्रकूट नगर व सुभाषनगर में हाउस कनेक्शन किए जा रहे हैं। 2000 कनेक्शन हो चुके जबकि कुल 47,550 कनेक्शन होने हैं। शहर की प्रमुख 49 सड़कों का आरयूआईडीपी ने काम किया है, उसे उस सड़क के रेस्टोरेशन पर आपत्ति नहीं है। आरसी व्यास, विजयसिंह पथिकनगर, चित्रकूट नगर, सुभाषनगर क्षेत्र में भी न्यास सड़क बनाती है तो विभाग को आपत्ति नहीं है। सड़क बनाते समय मेनहोल व आईसी के ढक्कन का ध्यान रखना होगा। नगर विकास न्यास की सड़कें (29) तेजसिंह सर्किल से मं...

पितृपक्ष में बनता है पितरों की पसंद का भोजन

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भीलवाड़ा . पितृपक्ष में पितरों के लिए अलग ही भोजन बनाया जाता है। पितरों की पसंद को ध्यान में रखकर भोजन बनाया जाता है। उसे ब्राह्मण या जरूरतमंदों को परोसा जाता है। कहा जाता है कि इससे पितर खुश होते हैं। इस दौरान तामसिक भोजन न बनाया जाता है और न ही खाया जाता है। आजकल ब्राह्मणों को ध्यान में रखते भोजन तैयार किया जा रहा है।   पंडित अशोक व्यास का कहना है कि श्राद्ध का भोजन ऐसा होना चाहिए, जिससे मन में किसी भी तरह की उत्तेजना पैदा ना हो। बहुत सात्विक और मन को शांत करने वाला होना चाहिए। ज्यादा तेल का खाना ना ही बनाते हैं और ना ही खाते हैं। मटर और सरसों का उपयोग श्रेष्ठ है। घी से पकवान बनाए जाते हैं। ज्यादातर पकवान ऐसे होने चाहिए जो पितरों को पसंद है। गंगाजल, दूध, शहद, कुश और तिल जरूरी है। तिल होने से उसका फल अक्षय होता है। कहा जाता है कि तिल पिशाचों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं। इसलिए खाने में तिल का इस्तेमाल किया जाता है। उड़द की दाल के बड़े, दूध-घी से बने पकवान, जैसे खीर, पनीर, रायता, मौसमी सब्जियां जैसी लॉकी, तोरी, भिंडी, सीताफल आदि बनानी चाहिए। कई लोगों के यहां पूए बनते हैं। श्रा...

भीलवाड़ा अब भी सड़कें दे रही दर्द, संत लिखेंगे प्रशासन को पाती

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भीलवाड़ा. शहर में खस्ताहाल सड़कों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर अब संत भी आगे आ रहे है। राजस्थान पत्रिका की मुहिम के बाद विभिन्न स्तरों पर हो रहे प्रयासों के बीच संतों ने भी समस्या को लेकर प्रशासन को पत्र लिखने का निर्णय लिया है।   राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि मंच के आग्रह पर शहर के प्रमुख महंत व संत के माध्यम से जिला कलक्टर, नगर परिषद सभापति, आयुक्त, नगर विकास न्यास सचिव को पत्र लिखकर इन टूटी फूटी सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने को कहा जाएगा। शहर में पिछले लंबे समय से विभिन्न मार्गों सहित चौराहों व गलियों में जगह-जगह खड्ड़े हो रहे हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही है। इससे आम जनता परेशान है। कई बार हादसे भी हो चुके है।   यहां 20 तक तलब सोनी ने एडवोकेट गोपाल सोनी के माध्यम से स्थाई लोक अदालत में शहर की क्षतिगस्त सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए वाद दायर कर रखा है। इसे लेकर स्थाई लोक अदालत ने अधिकारियों को 20 सितंबर को तलब भी किया है। हल्की बरसात में भी परेशानी प्रशासन एवं परिषद स्तर से सड़कों पर पेचवर्क व नवीनीकरण को लेकर करोड़ों की स्वीकृतियां ज...

Bhilwara Mandi: चांदी में 50 रुपए व सोने में 25 रुपए की तेजी

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भीलवाड़ा @ पत्रिका. कृषि मंडी में गुरुवार को भाव इस प्रकार रहे- गेहूं 2285 से 2475 मक्का नई 2200 से 3050, मक्का पुरानी 2200 से 2500, जौ 2850 से 3075, चना 4311 से 4575, सरसों 5600 से 5875, ग्वार 4300 से 4581 रुपए प्रति क्विंटल।   भीलवाड़ा सर्राफा- गुरुवार को चांदी में एक बार फिर से 50 रुपए प्रति किलो की तेजी आई है। वही सोने में भी 25 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई है। चांदी प्रतिकिलो - 56550 चांदी टंच - 57350 सोना 10 ग्राम- 51975 सोना जेवराती- 49624, रवा - 51925, कलदार -790 भाव रहे। भीलवाड़ा किराणा- चीनी 40, मूंग मोगर 100, उड़द मोगर 105, तुअर दाल 110 से 115, मूंग दाल 90, उड़द दाल 95, चना दाल 66, मसूर दाल 87, मैदा 35, सूजी 40, चावल टुकड़ी बासमती 55, चावल बासमती 70 से 100, देसी घी 510 से 530 (प्रति लीटर), तेल मूंगफली 178 रुपए (प्रति लीटर), तेल सोयाबीन 145, तेल सरसों 185, सौंफ 180 से 200, जीरा 290, मैथी 75, धनिया साबुत 160, राई 80 से 100, अजवायन 260 से 300, चायपत्ती 340 से 360, गोला 250, काबूली चना 120, काला चना 65, पोहा 50, गेहूं का आटा 30, बेसन 70, हल्दी पिसी 180 से 200, मिर्च 2...

श्राद्ध पक्ष में करा सकते हैं घरों में रंग-रोगन

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भीलवाड़ा. सनातन धर्म में पितृ पक्ष विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से प्रारंभ होते हैं और आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर संपन्न होते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष 10 सितंबर से शुरू हुए व समापन 25 सितंबर को होगा। पितृ पक्ष के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान जैसे कार्य किए जाते हैं। ऐसा करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। आप पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है, लेकिन श्राद्ध से जुड़ी कुछ भ्रांतियां हैं।   पंडित अशोक व्यास का कहना है कि पुत्र के अभाव में पौत्र तथा पौत्र के न रहने पर भाई या भाई की संतान भी श्राद्ध कर सकती है। पुत्र के अभाव में विधवा पत्नी भी अपने पति का श्राद्ध कर सकती है। पत्नी का श्राद्ध पति तभी कर सकता है जब उसे कोई पुत्र न हो। शुभ कार्य से कोई विघ्न नहीं पितृपक्ष के दौरान शुभ कार्य पर कोई पाबंदी नहीं है और न ही खरीदारी पर रोक है। पितृपक्ष में पूजन नहीं करने, नई खरीदारी नहीं करने जैसी भ्रांतियां हैं। सनातन धर्म के जानकार इसे गलत बताते हैं। शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में खरीदा...

भीलवाड़ा कलक्टर करेंगे लम्पी संक्रमित मवेशियों की निगरानी

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भीलवाड़ा. प्रदेश में लम्पी वायरस से संक्रमित गोवंश के इलाज की निगरानी जिला कलक्टर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी करेगी। मुख्य सचिव उषा शर्मा के आदेश के अनुसार, सदस्य सचिव पशुपालन विभाग के जिला अधिकारी होंगे। जिला परिषद के सीईओ, जिला कोषाधिकारी तथा शहरी स्थानीय निकाय का अधिकारी सदस्य होगा। लम्पी के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए दवा, गोशाला व पशुगृहों की नियमित सफाई, बीमार को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना, पशु चिकित्सकों से इलाज आदि के साथ मृत पशुओं का सही निस्तारण आवश्यक है। कलक्टर की समिति यह कार्य देखेगी। इसके अलावा लम्पी के प्रति आमजन में भ्रांतियां दूर करने के लिए प्रचार भी शहरी निकाय, पंचायत राज संस्थानों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। मृत पशुओं को खुले में निस्तारण के बजाय दफनाने की व्यवस्था जरूरी है। दफनाने की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में शहरी निकायों के माध्यम से किया जाना है। पंचायतें एसएफसी से खर्च करेगी राशि पंचायती राज संस्थाओं को देय अनुदान के उपयोग के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आदेश के अनुसार साफ-सफाई व स्वच्छता के लि...

Salute to Doctors : फ्लाइट में यात्री को आया हार्ट अटैक, तीन डॉक्टर्स ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करवा बचाई यात्री की जान

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भीलवाड़ा. डॉक्टर्स को ऐसे ही भगवान नहीं कहा जाता। क्योंकि किसी की जिन्दगी बचाने में डॉक्टर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती हैं। आपात मेडिकल इमरजेंसी में डॉक्टर को मरीज की जान बचाने के (Heart attack in flight ) को मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत पड़ी। तीनों ही चिकित्सकों ने जांच के साथ ही प्रारंभिक उपचार कर सहयात्री की जान बचाई। इसके लिए एयरलाइंस ने उन्हें सम्मानित भी किया। जानकारी के अनुसार निवेदिता पुणे के केईएम हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। वे लंदन की नामी परीक्षा रॉयल कॉलेज ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ (एमआरसीपीसीएच) देने कोलकाता गई थी। परीक्षा के बाद मंगलवार को इंडिगो की फ्लाइट से पुणे लौट रही थी कि बीच रास्ते में महाराष्ट्र की बुजुर्ग महिला यात्री को हार्ट अटैक आ गया। साथ यात्रा कर रही पोती भी इसे देख घबरा गई। बकौल निवेदिता फ्लाइट में चिकित्सक की जानकारी को लेकर एनाउंसमेंट होने पर मैं एवं दो अन्य चिकित्सक आगे आए। फ्लाइट में दवाई, इंजेक्शन सहित अन्य आवश्यक आपात चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध होने पर महिला का प्रारंभिक उपचार किया गया। बाद में मेडिकल इमरजेंसी देखी और प्लेन को...