अक्षत ने जानी सूर्यग्रहण की दुनियां

भीलवाड़ा। सूर्य ग्रहण के मायने रविवार को कई रहे, लेकिन युवाओं ने सूर्यग्रहण से बहुत कुछ सीखा और जाना, इनमें शास्त्रीनगर मेन सेक्टर के १७ वर्षीय अक्षत जैन भी शुमार है, अक्षत ने अंतरिक्ष में हुए खगोलीय बदलाव को देखने एवं समझने के लिए दूरबीन के जरिए अपने कैमरे में सूर्यग्रहण की विभिन्न कलाओं को कैद किया। प्रत्येक कला के बदलाव से क्या हो सकता है और ज्योतिषी क्या मानते है, यह भी जाना। दादा माणकचंद ने अपने जमाने के किस्से सुनाए तो वही ताऊ अशोक बडजात्या व पापा प्रवीण ने भी सूर्यग्रहण को लेकर जो भ्रम व आशंका की स्थिति बनी हुई थी, उसे बताया।

शहर में लोगों ने घरों से ही सूर्यग्रहण देखा। इस दौरान उन्होंने आंखों पर एक्सरे फिल्म और ग्लास का उपयोग किया।
सूर्य ग्रहण के शुरू होते ही लोगों ने घर में कीर्तन और जप शुरू कर दिए। घर के सदस्यों ने भगवान के पास बैठकर सूर्य देवता के मंत्र का जप किया। हनुमान चालिसाए गायत्रीमंत्र का लगातार मंत्रोचारण किया गया। 12 बजे बाद दूदिया रोशनी की किरणें जमीन पर आ रही थी। लोगों ने इस ग्रहण को उत्साह व पूरी सावधानी के साथ देखा।

सूर्य ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले ही सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे। इस दौरान लोगों ने खाना नहीं खाया और बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार सूर्य ग्रहण धनु राशि में आ रहा है। इसलिए देश.दुनिया पर इसके दुष्प्रभाव ज्यादा पड़ेंगे।

पंडित अशोक व्यास ने बताया कि ग्रहण समय में अच्छे फल के लिए लोगों ने घर पर रहकर जाप और हवन आदि किए। इसके बाद तीर्थए स्नान और दान आदि की परंपरा है। रात को ही लोगों ने घर में खाने.पीने की वस्तुओं में कुशा या तुलसी के पत्ते तथा डाब डाल दिए थे। मिथुनए कर्कए वृश्चिक और मीन राशि वाले ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं आए। ग्रहण से तीन ग्रह प्रभावित हो रहे हैं। राहु ग्रहण लग रहा हैए बुध सूर्य के साथ बैठा हुआ है और मंगल सूर्य को देख रहा है।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/akshat-knows-the-world-of-solar-eclipse-6214853/

Comments

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा के 70 वार्डो में पड़े मत प्रतिशत की स्थिति

भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

श्रुत पंचमी पर जिनवाणी की निकाली शोभायात्रा