बिछ गई पंगत, कार्यकर्ता ले रहे दाल-पूड़ी के चटखारे
कार्यकर्ता ले रहे दाल-पूड़ी के चटखारे पंगत लगी हुई है और दाल-पुड़ी और नुगती परोसी जा रही है। कोई छाछ देने को लेकर मनुहार कर रहा है, कोई पकोड़ी जबरन पत्तल में डालने की को शिश कर रहा है। जबकि कोई नमकीन पर जोर दे रहा है। यह नजारा किसी शादी समारोह का नहीं वरन विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्या शियों के नामांकन के बाद चुनाव कार्यालय व फार्म हाउसों में खुले लंगरों का है। भीलवाड़ा ही नहीं सभी जगह यह नजारे ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले में ही है, बीकानेर,जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, उदयपुर व सीकर संभाग के तमाम प्रत्याशियों के चुनावी कार्यालयों का भी ऐसा ही नजारा दिख रहा है। यहां कुछ जगह कार्यकर्ताओं के लिए चाय व गरम दूध की व्यवस्था भी है। कुछ पनीर की सब्जी व रस गुल्ले भी खिलाए जा रहे है। कार्यकर्ताओं की रसोई तैयार करने के लिए हलवाई भी बैठा दिए है। इससे हलवाई के साथ कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोग भी व्यस्त हो गए है। जो खाली है वह मुंह मांगा दाम मांग रहे है। बुफे से पंगत तक भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले में सात विधानसभा सीट को लेकर हो रहे चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के साथ ही अन्य राजनैतिक ...