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दो तस्करों को आठ साल की सजा

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भीलवाड़ा. विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस मामलात) बृजमाधुरी शर्मा ने डोडा चूरा तस्करी के पांच साल पुराने मामले में सोमवार को अहम फैसला सुनाया। एनडीपीएस कोर्ट ने फैसले में दो जनों को दोषी माना। इनको आठ-आठ साल की सजा सुनाई। वहीं अस्सी-अस्सी हजार रुपए जुर्माने के भी आदेश दिए। सजा पाने वालों में खातोलाई थाना बांदरसिंदरी (किशनगढ़) निवासी छोटूलाल गुर्जर व गणेशपुरा (बांदरसिंदरी) निवासी हीरालाल जाट शामिल है। अदालत के सजा सुनाए जाने के दौरान अभियुक्त कोर्ट में पेश थे। उनको बाद में जेल भेज दिया गया। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने अभियुक्तों को अभिरक्षा में ले लिया। प्रकरण के अनुसार 30 मई 2017 को मांडलगढ़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचला मिली कि बिना नम्बरी कार में दो जने डोडा चूरा तस्करी कर ला रहे हैं। यह मध्यप्रदेश से लेकर आए और आगे ले जाना है। पुलिस ने मामले को गंभीर लेते हुए तत्काल टीम बनाई। तत्कालीन सीआई गजेन्द्रसिंह की अगुवाई में नाकाबंदी की गई। क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान शंका के आधार पर एक कार को रूकने का इशारा किया। चालक गाड़ी को रोकने के बजाए भगा ले गया। पुलिसकर्मियों ने पीछा करके कार क...

बारिश में बिलों से निकले विषैले जीव, सात दिन में 10 को डसा

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मानसून का आगाज हो चुका है। मानसून और उससे पहले हुई प्री मानसून ने भले ही गर्मी और उमस से राहत दिला दी लेकिन कई जगह आफत बनकर भी आई है। बारिश के कारण बिलों में पानी भरने और उमस के कारण विषैले जीव-जीव जंतु बाहर निकल आए। इससे अचानक सर्पदंश के मामले बढ़ गए।एक सप्ताह के भीतर ही सर्पदंश के दस मामले जिले के महात्मा गांधी अस्पताल समेत अन्य राजकीय अस्पतालों में सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब लोगों को इस मौसम में सावधानी बरतने की बेहद जरूरत है। शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों से विषैले जंतुओं के काटने के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। झाड़-फूंक के चक्कर में ना आए सर्पदंश के बाद ग्रामीण अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक करने वालों के चक्कर में पड़ जाते है। इससे मरीज की जान पर बन आती है। ऐसा कभी नहीं करें। झाड़-फूंक कराने की बजाए सर्पदंश के तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए। ताकी समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकें। यह बरते सावधानी - अंधेरे रास्ते पर नहीं जाए। जाना पड़े तो मोबाइल की टॉर्च जलाकर रास्ता देखें। - झाड़-झंझाड़ में हाथ नहीं डाले। खेल रहे बच्चों को भी यह बात समझाएं। - घर के ...

बारिश में दाह संस्कार करने की मजबूरी

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पुर के श्मशान घाट मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। पुर लगभग 50 हजार की आबादी का क्षेत्र हैं। श्मशानाें में न टीनशेड है और न अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के बैठने की सुविधा है। जिस तरह नगर परिषद व यूआईटी ने शहर के श्मशान घाटों का विकास कराया। पुर के श्मशानाें में उसका एक प्रतिशत भी काम नहीं है। पुर भी नगर परिषद का हिस्सा है। यहां के श्मशान घाटों में कटीली झाड़ियां उगी है।   पुर लगभग 50 हजार की आबादी का क्षेत्र हैं। जहां कई समाजों के श्मशान घाट अलग-अलग बने हैं, लेकिन शहर की तर्ज पर इनका विकास नहीं हो पाया। बिजली व पानी की सुविधा भी नहीं है। लोगों के नहाने के लिए पानी के टैंकर भी खुद के खर्चे से मंगवाने पड़ते हैं। शहर के हर श्मशान पर ट्यूबवेल व पीने के पानी की व्यवस्था की है। श्मशान पर साफ-सफाई व उद्यान की व्यवस्था की गई, लेकिन पुर के श्मशान घाटों में झाड़ियां व बबूल आदि उगे हैं। बैठक के पर्याप्त इंतजामात नहीं है। बारिश में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगरवासियों ने जिला कलक्टरआशीष मोदी, विधायक विठ्टल शंकर अवस्थी, नगर परिषद सभापति र...

117 दिन बाद फिर गूंजेगी शहनाई

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एकादशी के साथ ही रविवार से अगले 117 दिन तक मांगलिक कार्यों तथा वैवाहिक आयोजनों पर रोक लग गई है। वजह यह है कि 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु शयन में चले गए। साथ ही चातुर्मास के लिए भी जैन संतों का मंगल प्रवेश हो चुका है। अब 4 महीने तक शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक काम नहीं होंगे। हालांकि इन दिनों में खरीदारी, लेन-देन, निवेश, नौकरी और बिजनेस जैसे नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि इस साल भगवान विष्णु 117 दिन योग निद्रा में रहेंगे। संत और आम लोग धर्म-कर्म, पूजा-पाठ और आराधना में समय बिताएंगे। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी 10 जुलाई को है। इसे हरिशयनी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान विष्णु कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष (5 नवंबर) को देवउठनी एकादशी पर जागेंगे। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस अवधि में सृष्टि को संभालने और कामकाज संचालन का जिम्मा भगवान भोलेनाथ के पास रहेगा। व्यास ने बताया कि आषाढ़ माह की एकादशी से पूर्णिमा तक चार दिन, फिर 29 दिन का श्रावण और 30 दिन का भाद्रपद महीना रहेगा। अश्विन मास में 29 और कार्तिक मास के...

कोठारी नदी में पानी आने से पहले बजरी का अंधाधुंध दोहन कर स्‍टॉक करने में लगा माफ‍िया

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भीलवाड़ा. जिले के कोटडी थाना क्षेत्र के सातोला का खेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र से गुजर रही कोठारी नदी से बारिश का पानी भरने से पूर्व बजरी माफिया द्वारा रात दिन अंधाधुंध तरीके से बजरी का अवैध दोहन कर स्टॉक किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस बात को लेकर रविवार को नदी किनारे खेत में स्टॉक के पास व देवनारायण मंदिर के पास एकत्र होकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस व खनन विभाग की मिलीभगत से बजरी माफिया जमकर चांदी कूट रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि कोठारी नदी से फतहगढ़ व कोदूकोटा के बजरी माफिया द्वारा अपने प्रभाव के चलते बजरी निकाल कर स्टॉक कर ऊंचे दामो पर बेच रहे हैं। इससे नदी का स्वरूप बिगड़ गया है। चरागाह व बिलानाम भूमि पर स्टॉक किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पुलिस व खनन विभाग को इस बारे में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। ग्रामीणों ने बीट प्रभारी को हटाने व स्टॉक जब्त करने सहित अवैध खनन पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। जिले में बजरी की डिमांड लगातार बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में अवैध खनन जारी है। अवैध बजरी के साथ ही परिवहन करते अवैध डम्परों, ट्र...

भीलवाड़ा का दर्द ना जाने कोय...

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भीलवाड़ा. मानसून की बरसात ने वस्त्रनगरी के विकास की पोल खोल कर रख दी है। बरसात के दौरान पानी से लबालब प्रमुख सड़कों पर यातायात रेंगने लग रहा है। जाम के हालात बन रहे हैं। रेलवे रूट के इस पार से उस पार जाने के लिए बने अंडरपास में पानी भर रहा है। बरसाती नाले भी कचरे से अटे पड़े हैं। क्षतिग्रस्त नालों से पानी सड़कों पर आ रहा है। बड़ा सवाल यह है कि विकास के दावों वाला भीलवाड़ा शहर बदहाल क्यों हैं? नगर विकास न्यास एवं नगर निगम के अफसरों को शहर की बेहाली दिखाई क्यों नहीं दे रही। जनता खुद सीधे सवाल कर रही है कि आखिर उनकी परेशानियां कब खत्म होगी। राजस्थान पत्रिका ने तीन दिन तक शहर की पड़ताल की तो कई समस्याएं सामने आई। थोड़ा ध्यान हटते ही हादसा आजाद नगर क्षेत्र में सड़कें टूटी हुई है। गंगापुर तिराहे पर सड़क के बीच में बड़ा गड्ढा है। बरसात शुरू होते ही गड्ढों में पानी भरा है। लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व सड़कों की मरम्मत हो जानी चाहिए थी, लेकिन किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। गंदगी से अटे नाले, कुछ की दीवारें टूटी बरसाती नालों की हालत भी खराब है। रोडवेज बस स्टैंड के निकट नाला कचरे व गंदगी...

कोरोना से बुजुर्ग की मौत, आठ मरीज संक्रमित मिले

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शहर समेत जिले में एक बार फिर लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण पैर पसार रहा है। संक्रमण का दायरा बढ़ने से लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के कारण शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि जांच के दौरान आठ जने संक्रमित मिले। इस साल कोरोना संक्रमण के कारण यह पहली मौत है। इससे चिकित्सा प्रशासल अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण का दायरा बढ़ने से चिकित्सा विभाग ने जांचें एक बार फिर बढ़ा दी है।जानकारी के अनुसार शहर के आरसी व्यास कॉलोनी निवासी 92 साल के एक व्यक्ति को निमोनिया होने पर परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बुजुर्ग का पिछले चार-पांच दिनों से अस्पताल में उपचार चल रहा था। दो दिन पूर्व ही जांच में संक्रमित पाए गए थे। इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दी थी। बुजुर्ग ने शुक्रवार देर रात दम तोड़ दिया था। परिजनों ने कोरोना प्रोटोकाल की पालना करते हुए शनिवार को अंतिम संस्कार किया। हालांकि चिकित्सा विभाग का कहना था कि बुजुर्ग लम्बे समय से फेफड़ों में संक्रमण से परेशान था। ऐसे में कोरोना से मौत होना नहीं माना जा सकता। उधर...