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मंगोलिया व चीन पार के आते है चावंडिया छुट्टी मनाने

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भीलवाड़ा । कोटड़ी तहसील स्थित चावंडिया पक्षी विहार पर ठिठुरने बढऩे के साथ ही देश एवं परदेश की विभिन्न प्रजातियों के मेहमान पक्षियों की चहचहाट बढ़ गई है। देश के प्रमुख पक्षी विहार में शामिल चावंडिया तालाब स्थित पक्षी विहार पर इस बार हिमाचल प्रदेश के साथ ही साइबेरिया, रशिया व यूरोपीय क्षेत्र के विभिन्न प्रजातियों का कुनुबा सर्दी की छुट्टी मनाने आने लगा है। दूसरी तरफ कोरोना संकट काल के कारण वन विभाग के चावंडिया को वेटलैंड के रूप में विकसित करने की योजना अभी तक कागजों से उभर नहीं पाई है। Mongolia and China come from across to celebrate Chavandia holiday देश में यूं तो कई पक्षी विहार है, लेकिन चावंडिया तालाब स्थित पक्षी विहार की अपनी विशेषता है। जिला मुख्यालय से पन्द्रह किलोमीटर दूर माण्डलगढ़ रोड पर कोटड़ी पंचायत समिति क्षेत्र में चावंडिया तालाब स्थित है। तालाब 38 हैक्टेयर क्षेत्र मेंं फैला है। 66 प्रजातियों के आवास का क्षेत्र है। यहां देशी-विदेशी प्रजातियों के करीब 5000 पक्षी माह जनवरी-फ रवरी में प्रतिदिन देखे जा सकते है। जैव विविधता के रूप में पक्षियों के अतिरिक्त यहां विभिन्न प्रजातियो...

भीलवाड़ा की है यह अंदर की बात

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भीलवाड़ा की है यह अंदर की बात साहेब मंत्री बन गए तो उन्होने ने भी पाला बदल लिया तय था और हुआ भी वही, हम भी यह संकेत दे चुके थे की भीलवाड़ा को अब तोहफे का इंतजार है। एक दशक बाद जिले को मंत्री मण्डल में प्रतिनिधित्व मिला है तो माना जा सकता है कि जिले के सर्वांगीण विकास की राह खुलेगी और सरकार में जिले की पकड़ मजबूत होगी। चर्चा है कि जो पहले विरोध के सुर अलाप रहे थे, उनमें से अधिकांश ने अब पाळा ही बदल लिया है, कई तो बधाई देने जयपुर तक पहुंच गए है, जयकार कर रहे है। लेकिन मंत्री जी के खास कहते है कि हमें, सब पता है लेकिन फिलहाल चुप है। क्यूंकि वक्त हमेशा करवट लेता है। This is the inside thing of Bhilwara खाकी जी के मोबाइल को खास की ही पहचान जनता में विश्वास एवं अपराधियों में भय यह पुलिस का अपना फार्मुला और स्लोगन है, लेकिन हालात ऐसे पुलिस थानों में नजर नहीं आते है। आला अधिकारियों के तमाम दावों के बावजूद पुलिस की कथनी व करनी में ही अंतर नजर आता है। आमजन की पीड़ा है कि पुलिस थानों में शिकायत नहीं सुनी जाती है। रपट लिखवाने के लिए आज भी कागज की रिम परिवादी से ही मंगाई जा रही है, जिले के अध...

रामलाल जाट कांस्टेबल से केबिनेट मंत्री तक पहुंचे है

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भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले को एक दशक बाद फिर प्रदेश के राज्य मंत्री मण्डल में प्रतिनिधित्व मिला है। जयपुर में रविवार शाम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आयोजित नए मंत्री मण्डल के शपथ ग्रहण समारोह में मांडल विधायक एवं भीलवाड़ा डेयरी चेयरमैन रामलाल जाट ने केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। 56 वर्षीय जाट की शिक्षा बीए प्रथम वर्ष ऑनर्स है। उनके परिवार में पत्नी शंभूदेवी तथा दो पुत्र व एक पुत्री है। Ramlal Jat has reached from constable to cabinet minister जाट इससे पूर्व भी गहलोत के पूर्ववर्ती मंत्री मण्डल में वन, पर्यावरण व खनिज राज्य मंत्री रह चुके है। हालांकि जाट को यह पद बाद में तत्कालीन भीलवाड़ा डेयरी चेयरमैन रतन लाल चौधरी की धर्म पत्नी पारस देवी की 27 सितम्बर 2011 को संदिग्ध हालत में हुई मृत्यु और बिना पोस्टमार्टम कराए शव को ले जाने के मामले में नाम उछलने पर छोडऩा पड़ा था। इधर, जाट के मंत्री बनाए जाने के बाद जिले में खुशी का माहौल है, उनके समर्थकों ने मांडल विधानसभा क्षेत्र के साथ ही समूचे जिले में आतिशबाजी की और मिठाई बांट कर लोगों का मुंठ मीठा कराया। कांस्टेबल से मंत्री पद का सफर जा...

केबिनेट मंत्री रामलाल जाट करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक

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Cabinet Minister Ramlal Jat is the owner of property worth crores भीलवाड़ा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्री मण्डल में रविवार को केबिनेट मंत्री का पद संभालने वाले भीलवाड़ा जिले के माण्डल विधायक एवं भीलवाड़ा डेयरी चेयरमैन रामलाल जाट के पास करोड़ों की सम्पत्ति है। हालांकि पेश से वह किसान है। मांडल विधानसभा सीट से वर्ष 2018 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र पेश करने के दौरान उनकी तरफ से पेश किए गए शपथ पत्र के अनुसार उनकी व पत्नी की कुल संपति 4.25 करोड़ रुपए है। शपथ पत्र के आधार पर उनके पास 2.25 लाख नकद व पत्नी के 2.78 लाख रुपए नकद है। जाट के पास 210 ग्राम व पत्नी के पास 375 ग्राम सोना है। जबकि 15 किलोग्राम चांदी है। जाट राजनीतिक में आने से पहले राजस्थान पुलिस सेवा में कांस्टेबल पद पर तैनात थे। अनुभव: वर्ष 2011 में गहलोत के पूर्ववर्ती मंत्रीमंडल में वन, पर्यावरण व खनिज मंत्री थे। वह अभी तक कुल पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके है। 2018 में चौथी बार विधायक बने, वर्ष 2013 में वह चुनाव नहीं जीत सके। प्रकरण: लोकसभा चुनाव 2014 के जनसम्पर्क के दौरान करेड़ा में आचार संहिता उल्लंघन क...

आचार्य पदारोहन पर विशेष अनावरण समारोह होगा पोस्ट ऑफिस में

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भीलवाड़ा। दिगम्बर जैन आचार्य विद्यासागर महाराज के 50 में आचार्य पदारोहन के अवसर पर भारतीय डाक विभाग की ओर से भारतवर्ष से करीब 200 जगह व राजस्थान में 40 जगह से आचार्य के विशेष आवरण निकाले जा रहे हैं। पवन अजमेरा ने बताया कि इसी कड़ी में भीलवाड़ा जिले से तीन स्थानों से विशेष आवरण निकाले जाएंगे। भीलवाड़ा में चतुर्मुखी पारसनाथ कल्पद्रुम बड़े मंदिर, चवलेश्वर पाश्र्वनाथ व बिजोलियां पाश्र्वनाथ पर डाक विभाग द्वारा विशेष आवरण जारी किया जाएगा। सोमवार को तीनों स्थानों पर डाक विभाग के अधिकारियों एवं समाज के नागरिकों की उपस्थिति में विमोचन कार्यक्रम होगा। अजमेरा ने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को ग्राम सदलगा, तहसील चिक्कोड़ी जिला बेलगाम (कर्नाटक) में हुआ था। 30 जून 1968 को राजस्थान के अजमेर शहर में आचार्य ज्ञानसागर महाराज से दिगम्बर दीक्षा धारण की। 4 वर्ष की कठिन साधना, कठोर तपस्या और ज्ञान आराधना करके गुरुदेव की परीक्षा में पास हुए। तब आचार्य गुरुवर ज्ञानसागर महाराज ने उन्हें 22 नवंबर 1972 को नसीराबाद में अपना आचार्य पद देकर आचार्य बनाया। 50 साल की इस यात्रा में आचार...

दुर्गम मार्ग से भी जनकल्याण को गतिमान हुए होते हुए आचार्य पहुंचे आमा

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भीलवाड़ा। जन-जन का कल्याण करने का संकल्प लिए पचास हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा करने के उपरान्त भी निरंतर गतिमान आचार्य महाश्रमण रविवार को कीचड़-पानी से भरे ऊबड़-खाबड़ मार्ग से लगभग तेरह किलोमीटर का विहार कर भीलवाड़ा जिले के आमां गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इसके पूर्व अपनी अहिंसा यात्रा का कुशल नेतृत्व करते हुए आचार्य रविवार प्रात: मंगरोप से मंगल प्रस्थान किया। गत चार दिनों से हो रही बरसात भले बन्द थी, किन्तु आसमान में बादल भी छाए हुए थे और शरद ऋतु के कारण कोहरा छाया हुआ था। आचार्य कठिन मार्ग में आने वाले अनेक गांवों के श्रद्धालुओं पर आशीष वृष्टि करते लगभग ग्यारह बजे विद्यालय परिसर पहुंचे। आमा ग्रामवासियों ने आचार्य का अभिनन्दन किया। विद्यालय में आयोजित प्रवचन में आचार्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि एक सूक्त कहा गया है कि जैसी करनी वैस भरनी अर्थात आदमी जैसा करता है, वैसा फल पाता है। जो आदमी अच्छा कर्म करता है, उसे अच्छा फल प्राप्त होता है और जो बुरा करता है, उसे बुरा फल प्राप्त होता है। जो जैसी फसल बोएगा, वैसी ही फसल काटेगा। आचार्य ने एक कथानक के माध्यम से...

निर्णय दस माह पहले होता तो किसानों की जान बच जाती: प्रवीण तोगड़िया

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भीलवाड़ा। अन्तरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने केन्द्र के तीनों कृषि कानून वापिस लेने का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय दस माह पहले होता तो शायद सात सौ किसानों की जांच बच जाती। हमें विश्वास है कि एक माह में संसद में तीनों कानून निरस्त करने का निर्णय होगा, उसी समय किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून भी बन जाएगा। अपनी मांगों को लेकर बारिश व सर्दी में दिल्ली की सड़कों पर किसान बैठे रहे, उनका पूरा किसान वर्ग धन्यवाद करता है। भीलवाड़ा के दो दिवसीय दौरे पर आए तोगडि़या शनिवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका से हिन्दुओं का पलायन हुआ है। यह चिन्ता का विषय है। कश्मीर घाटी में 17 जनवरी 1990 में हिन्दुओं का पलायन हुआ था। अब 31 साल बाद फिर कश्मीर घाटी से हिन्दुओं का पलायन हुआ। यह देश के लिए चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या का इलाज सरकार दूसरे तरीके से कर रही है। इस पर सरकार को चिंतन करना होगा। इससे पूर्व तोगडिय़ा के भीलवाड़ा पहुंचने पर राष्ट्रीय बजरंग दल, ह...