निर्णय दस माह पहले होता तो किसानों की जान बच जाती: प्रवीण तोगड़िया
भीलवाड़ा। अन्तरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने केन्द्र के तीनों कृषि कानून वापिस लेने का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय दस माह पहले होता तो शायद सात सौ किसानों की जांच बच जाती।
हमें विश्वास है कि एक माह में संसद में तीनों कानून निरस्त करने का निर्णय होगा, उसी समय किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून भी बन जाएगा। अपनी मांगों को लेकर बारिश व सर्दी में दिल्ली की सड़कों पर किसान बैठे रहे, उनका पूरा किसान वर्ग धन्यवाद करता है। भीलवाड़ा के दो दिवसीय दौरे पर आए तोगडि़या शनिवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कश्मीर, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका से हिन्दुओं का पलायन हुआ है। यह चिन्ता का विषय है। कश्मीर घाटी में 17 जनवरी 1990 में हिन्दुओं का पलायन हुआ था। अब 31 साल बाद फिर कश्मीर घाटी से हिन्दुओं का पलायन हुआ। यह देश के लिए चिन्ता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या का इलाज सरकार दूसरे तरीके से कर रही है। इस पर सरकार को चिंतन करना होगा। इससे पूर्व तोगडिय़ा के भीलवाड़ा पहुंचने पर राष्ट्रीय बजरंग दल, हिन्दू संगठनों, सामाजिक संगठनों ने रोडवेज बस स्टैंड चौराहे पर स्वागत किया। तोगडिय़ा यहां रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/then-the-lives-of-the-farmers-would-have-been-saved-7183455/
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