चम्बल के मीठे पानी से वंचित भीलवाड़ा शहर के एक लाख लोग

टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा शहर में 6 साल से चम्बल के मीठे पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन चम्बल से पर्याप्त पानी आने के बावजूद अभी तक एक लाख से अधिक लोग मीठे पानी को पीने को तरस रहे हैं। शहर में ऐसे हालात 100 से अधिक मल्टीस्टोरी सोसायटी एवं निजी आवासीय योजनाओं में चम्बल का पानी नहीं पहुंचने के कारण बने हैं। यहां के रहवासी बोरिंग का पानी पीने को विवश है। यह परेशानी कई साल से है लेकिन प्रशासन व नेताओं ने शहर की मल्टीस्टोरी सोसायटीज में रहने वाले लोगों व अन्य निजी आवासीय योजनाओं की सुध नहीं ली।

शहर में एक बड़े हिस्से की जनता को मीठा पानी नहीं मिलने की परेशानी को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया। लोगों की पीड़ा समझ अभियान शुरू किया तो लोगों में भी चेतना जागी। अब चुनाव के समय शहर की सभी मल्टीस्टोरी व निजी कॉलोनियों में रहने वाले लोग चम्बल के पानी की मांग कर रहे हैं। कुछ जगह लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया।

प्रत्याशियों से मांग रहे जवाब

लोग प्रत्याशियों से जवाब मांग रहे हैं कि उन्हें चम्बल का पानी कब और कैसे पिलाएंगे। कुछ जगह लोगों ने पोस्टर व बैनर लगाकर मुद्दा उठा दिया है। लोगों का कहना है कि जो प्रत्याशी उन्हें चम्बल का पानी पिलाने की गारंटी देगा, जनता उनको समर्थन करेगी।

इन सोसायटीज को चाहिए मीठा पानी

भीलवाड़ा शहर में नवकार ग्रीन सोसायटी, पार्श्वनाथ सोसायटी, अनुकम्पा स्काई डेक सोसायटी, अनुकंपा अपार्टमेंट, आजादनगर स्थित स्वास्तिक हाइट्स, सुदर्शनम सोसायटी, संस्कृति होरिजन वेलफेयर सोसायटी, शक्तिनगर, कांचीपुरम, शारदा एवर ग्रीन, कुमुद विहार, कमला विहार, सुजुकी एनक्लेव, सुशान्त सिटी, केसर कुंज, जम्भेश्वर नगर सहित कई निजी कॉलोनियां है। जहां चम्बल के पानी का इंतजार है।

लोगों ने किया प्रदर्शन

निजी कॉलोनीवासियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि वोट वही प्रत्याशी पाएगा, जो चम्बल का पानी पिलाएगा। जनप्रहरी बाबूलाल जाजू ने बताया कि अफसरों व नेताओं की इच्छाशक्ति की कमी के चलते भीलवाड़ा शहर की 70 निजी कॉलोनियों समेत मल्टीस्टोरी सोसायटीज में एक लाख से अधिक लोगों को 1000 से 1200 टीडीएस तक का पानी पीना पड़ रहा है। लोगों में बीमारियां बढ़ रही है। प्रदर्शन में सुरेश माहेश्वरी, गुलाब चंद सांगानेरिया, ओम गट्टानी, अनिल अग्रवाल, किशन अग्रवाल, निखिल स्वामी डाड, प्रीति लोहिया, शारदा माहेश्वरी सहित कई लोग शामिल रहे।

अफसरों की लापरवाही, कॉलोनाइजर की अनदेखी

निजी कॉलोनियों को पेयजल का मामला नगर विकास न्यास, जलदाय विभाग और कॉलोनाइजर के बीच फंसा है। अफसरों के टालू रवैए और कॉलोनाइजर की अनदेखी से लोग अब तक चम्बल का पानी नहीं पी पाए। निजी कॉलोनी तक लाइन नहीं बिछना बड़ा कारण है। लाइन बिछाने का खर्चा जनता पर डालने की शर्त रखी जा रही है।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/bhilwara-big-issue-chambal-water-problem-multystory-problem-8598658/

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