राजस्थान की इस सीट पर बड़ा उलटफेर, कांग्रेस ने भाभी का काटा टिकट, देवर को थमाया

Rajasthan election 2023 भीलवाड़ा। राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की जारी तीसरी सूची में भीलवाड़ा जिले के लिए बड़ा उलटफेर रहा। यहां सहाड़ा-रायपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने मौजूदा विधायक गायत्री देवी का टिकट काटते हुए उनके ही देवर एवं दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी के छोटे भाई राजेन्द्र त्रिवेदी को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है।

सहाड़ा सीट से गायत्री देवी ने पति कैलाश त्रिवेदी के निधन होने पर वर्ष 2021 का उप चुनाव जीता था। उपचुनाव में भी राजेन्द्र त्रिवेदी ने टिकट के लिए दावा जताया था, उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व कांग्रेस आला कमान पर दबाव भी बनाया था।

जानकारों का कहना है कि हालांकि उस वक्त भी लंबी समझाइश एवं आश्वासन के बाद टिकट घर के घर में ही रहा था और इस बार भी टिकट घर में ही रहा है। राजेन्द्र त्रिवेदी भी राजनीति में लगातार सक्रिय है, उन्होंने कांग्रेस संगठन में वि भिन्न संगठनों पर रहते हुए उपप्रधान का चुनाव भी जीता।

सहाड़ा विधानसभा चुनाव के गत पांच चुनाव में कांग्रेस का ही पलटा भारी रहा है। यहां वर्ष 2003 व 2008 में कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी ने लगातार सीट पर कब्जा बनाए रखा। वर्ष 2013 में उनकी जीत का रथ भाजपा के बीआर चौधरी ने रोका। त्रिवेदी वर्ष 2018 में फिर चुनाव जीते, लेकिन वर्ष 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। उनके निधन के उपरांत उपचुनाव 2021 में कांग्रेस ने उनकी पत्नी गायत्री देवी को टिकट दिया। यहां गायत्री देवी चुनाव जीत कर विधायक बनी।

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त्रिवेदी व पितलिया होंगे आमने-सामने
कांग्रेस के पूर्व उपप्रधान त्रिवेदी के चुनाव मैदान में उतारने के साथ ही यहां मुकाबले की स्थिति साफ हो गई है। भाजपा पहली ही सूची में सहाड़ा से लादूलाल पितलिया को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। पितलिया ने वर्ष 2018 के चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और तीसरे नंबर पर रहे थे। पितलिया ने वर्ष 2021 के उपचुनाव में भी नामांकन पत्र भरा था, लेकिन बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया।

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शाहपुरा का पेंच नहीं सुलझ सका
भाजपा अभी तक सात विधानसभा सीट से छह सीट से अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है, लेकिन शाहपुरा विधानसभा को लेकर फंसा पेच अभी तक यहां उलझा हुआ है। हालांकि विधायक कैलाश मेघवाल के पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद से यहां संभावित दावेदारों की लंबी सूची है। दूसरी तरफ जिले में भीलवाड़ा, मांडलगढ़ व आसींद सीट पर घोषित प्रत्याशियों के नामों को लेकर भी क्षेत्र में विरोध के सुर बने हुए है।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/bhilwara-sahada-assembly-election-2023-8558226/

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