भीलवाड़ा जिले के 3562 परिवारों को अपनी छत की आस अधूरी

भीलवाड़ा . जिले के चार हजार से अधिक जरूरतमंद परिवार ऐसे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपनी छत की आस पूरी नहीं हुई। इनमें कुछ ऐसे हैं, जिनके घर का काम समय पर शुरू हो गया लेकिन पंचायतीराज विभाग की ओर से किस्त का इंतजार है।

 

जानकारी के अनुसार, जिनके मकान बनने शेष हैं, उनका जिलेभर का आंकड़ा 3,562 है। वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक की बात करें तो इस अवधि में 61,365 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें जिले में 57,803 आवास बन चुके हैं। इस योजना में प्रत्येक आवास निर्माण के लिए लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपए की राशि दी जाती है। ये राशि आवास बनाने वाले संबंधित व्यक्ति के खाते में तीन किस्तों में आती है। पहली किस्त में 15 हजार, द्वितीय में 45 हजार और तीसरी में 60 हजार रुपए दिए जाते हैं। पिछले दो साल से आवास योजना का लाभ जिले के किसी व्यक्ति को नहीं मिल पा रहा है।

पलायन भी बड़ा कारण
लाभार्थी एक-दो किस्त तक मकान बनाने को लेकर उत्साहित रहता है, लेकिन तीसरी किस्त में देरी से निराश हो जाते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मकान का निर्माण अधूरा छोड़ देते हैं। वे रोजी रोटी के लिए गुजरात व महाराष्ट्र पलायन कर जाते हैं। ऐसे में मकान का पूरा निर्माण नहीं हो पाता है।
दो साल से आवास लक्ष्य नहीं

योजना के तहत पूर्व में दिए लक्ष्य पर विभाग कार्य कर रहा है, लेकिन वर्तमान में दो वित्तीय वर्ष में सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 का लक्ष्य अब तक तय नहीं हुआ।

भीलवाड़ा 13वें स्थान पर
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनलाल खटवािड़या का कहना है कि आवास बनाने में राज्य में भीलवाड़ा जिला 13वें स्थान पर है। कहीं किस्त की समस्या आ रही है तो कहीं पलायन के कारण मकान का निर्माण अधूरा रह गया।
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भीलवाड़ा जिले की वित्तीय वर्ष वार स्थिति
वित्तीय वर्ष स्वीकृ़त पूर्ण अधूरे
2016-17 9,553 9,425 128
2017-18 5,805 5,735 70

2018-19 5,686 5,619 67
2019-20 16,245 15,694 551

2020-21 3,809 3,580 229
2021-22 20,267 17,750 2,517

योग 61,365 57,803 3,562



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/3562-families-of-bhilwara-have-unfulfilled-hope-of-having-a-roof-8491726/

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