दिगम्बर मुनि की आहार चर्या अलौकिक

भीलवाडा. दिगम्बर मुनि आदित्य सागर महाराज ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि पूरे विश्व में दिगम्बर मुनि की आहार चर्या सबसे भिन्न एवं अलौकिक है। मुनि आहार चर्या के लिए कुछ नियम लेकर मुद्रा बना श्रावक के घर जाते हैं।

 

पूरे जीवन पर्यन्त मुनि दिन में केवल एक बार ही आहार लेते है एवं उसी समय जल ग्रहण करते है। वे स्वाद के लिए भोजन नहीं करते। धर्म पालन के लिए शरीर चलाने के उद्देश्य से उदरपूर्ति करते हैं। मुनि ने बताया कि श्रावकों को मन, वचन, काय की शुदि्ध से आहार देना चाहिए। श्रावक के चौके में मुनि के आगमन से पूर्व भोजन बना हो, उसके बाद कोई क्रिया नहीं की जाए।

मुनि अप्रमित सागर ने बताया कि परिवार भले ही एक क्यों न हो, परन्तु सबका भाग्य अलग-अलग होता है। कोई किसी का भाग्य चुरा नही सकता, न ही अपना भाग्य दूसरों को दे सकता। इसी कारण सुखी परिवार में भी कोई परिवारजन किसी न किसी कारण से दुखी मिलता है। जब भी आपका पूर्व का दुर्भाग्य उदय में आएगा तो दुख आएगा ही। इसलिए भविष्य में सुख के लिए अपने आचरण में सुधार करे।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/digambar-muni-s-diet-is-supernatural-8423560/

Comments

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा के 70 वार्डो में पड़े मत प्रतिशत की स्थिति

भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

श्रुत पंचमी पर जिनवाणी की निकाली शोभायात्रा