मिलावटखोरों का बचना आसान नहीं

भीलवाड़ा व चित्तौडग़ढ़ जिले को भी एक-एक फूड टेस्टिंग लैब मिली है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बताते है कि जिले के उपभोक्ता अब मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर ही करवा सकेंगे। केवल 15-20 मिनट में यह भी पता चल जाएगा कि उन पदार्थों में कितनी मिलावट है। रिपोर्ट आने के बाद विभाग की टीम संबंधित दूषित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा सकेगी। Food Testing Lab

यह मोबाइल वैन मिलावटी पदार्थों की जांच के साथ-साथ उपभोक्ताओं और व्यापारियों को मिलावट को लेकर जागरूक भी करेगी। फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथोरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से चिकित्सा विभाग को करीब 35 लाख रुपए की लागत की एक मॉर्डन फूड सेफ्टी लैब ऑन व्हील्स उपलब्ध कराई है। इस मोबाइल लैब में मिल्क एनालाइजर, हॉट एयर ओवन, हॉट प्लेट, मिक्सर ग्राइंडर, डिजिटल वेइंग स्केल, डिजिटल मल्टी पैरामीटर,हेड हेल्ड मीटर, डिजिटल रिफ्रेक्टोमीटर आदि उपकरण से लैस है।

यह लैब निर्धारित शेड्यूल के तहत अलग-अलग जगहों, बाजारों, मेलों और बड़े-बड़े समारोह में भेजी जाएगी। आमजन मौके पर ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता की निशुल्क जांच कराकर रिपोर्ट ले सकेंगे। शेड्यूल के अनुसार क्षेत्र का कोई भी उपभोक्ता मौके पर दूध, दूध से बने पदार्थ, आटा, दाल, चावल, तेल, घी, मसाले, ठंडे पेय पदार्थ तथा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की जांच करा


इस मोबाइल लैब से दूध में फैट की मात्रा, मिलावट वाले स्टार्च, यूरिया, पानी की जीएच, टीडीएस, कंडक्टिविटी व अन्य रसायनों की जांच मौके पर ही की जा सकेगी।
जागरूक भी करेंगे। खाद्य सुरक्षा के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए इस मोबाइल लैब में एलईडी, रिपोर्ट देने के लिए प्रिंटर व डेटा के लिए कम्प्यूटर भी उपलब्ध है।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/it-is-not-easy-to-avoid-adulterants-8430503/

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