टकसटइल म अब नह मलग पजगत य बयज अनदन
भीलवाडा. ए-टफ योजना के स्थान पर टेक्सटाइल उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए नई योजना पर विचार विमर्श के लिए अतिरिक्त वस्त्र आयुक्त एसपी वर्मा भीलवाड़ा आए। वर्मा ने भीलवाडा कलस्टर में टेक्सटाइल के सभी सैक्टर प्रोसेसिंग इण्डस्ट्री के आधुनिकीकरण को लेकर शुक्रवार को मेवाड़ चैम्बर में प्रोसेसिंग, डेनिम उद्योगों के उद्यमियों के साथ चर्चा की।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग, वित्त मंत्रालय, डीपीआईआईटी ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे से किसी भी रूप में पूंजीगत अनुदान या ब्याज अनुदान नहीं दिया जाएगा। जिस तरह से अन्य उद्योगों के लिए पीएलआई स्कीम लागू की गई है, उसी रूप में टेक्सटाइल के लिए भी पीएलआई स्कीम ही लाने की संभावना है। उन्होंने पीएलआई स्कीम का प्रारूप बताते हुए कहा कि नई योजना के तहत केवल नए ग्रीन फील्ड उद्योगों को ही शामिल किया जाएगा। पुराने चल रहे उद्योगों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। योजना के तहत न्यूनतम निवेश की सीमा सभी कलस्टर से विचार विमर्श के बाद तय की जाकर निवेश के अनुरूप टर्नओवर पर प्रथम वर्ष में एक निश्चित प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। आगामी दो से पांच वर्ष तक बेसिक वर्ष के टर्नओवर पर इंक्रीमेंटल टर्नओवर पर तय प्रतिशत के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। चर्चा के दौरान अध्यक्ष बीएम शर्मा, महासचिव आरके जैन, संगम ग्रुप के वीके सोडानी, शांतिलाल पानगडिया, प्रोसेस उद्योग के आरएल काबरा, सिन्थेटिक्स वीविंग मिल्स एसोसिएशन के संजय पेडीवाल एवं अन्य उद्यमियों ने कई सुझाव दिए। उद्यमियों ने कहाकि राजस्थान में भीलवाडा, बालोतरा, पाली आदि सभी स्थानों पर प्रोसेसिंग जोब वर्क पर होता है। यहां निवेश के मुकाबले अधिक टर्नओवर या वैल्यू एडिशन नही होता है। उद्योगों को भी नए विस्तारीकरण पर इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए। सोडानी ने कहा कि एक निश्चित निवेश से मशीने लगकर जो उत्पादन सीमा बनी है, उसमें अगले वर्षो में अतिरिक्त टर्नऑवर कैसे आ सकता है।
वस्त्र मंत्रालय के अंडर सचिव अनिल कुमार एवं एसपी वर्मा ने कहा कि सभी कलस्टर के सुझावों के अनुरूप ही योजना को अन्तिम रुप दिया जाएगा। प्रारम्भ में अध्यक्ष बीएम शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ आरसी लोढ़ा ने अतिथियों का स्वागत किया।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/capital-or-interest-subsidy-will-no-longer-be-available-in-textile-8359992/
Comments
Post a Comment