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मानसून ने फिर दस्तक दे दी। आफत सिर पर खड़ी है। इसके बाद भी जिम्मेदार नहरों की मरम्मत पर सुध नहीं ले पाए। गांव तो दूर, शहर से गुजर रही मेजा नहर तक की सुध नहीं ली गई। आलम यह है कि आबादी बस्ती के बीच से गुजर रही नहर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। इससे कभी लगातार बरसात इलाके में परेशानी खड़ी कर सकती है। राजस्थान पत्रिका ने नहर की सुध ली तो हालात कुछ इसी तरह के नजर आए।
जिम्मेदार कहलाने वाले जल संसाधन विभाग और नगर परिषद इसकी मरम्मत नहीं करवा पाई। ना ही नहर के दोनों सिरे की दीवार पर फेंसिंग हुई। इससे हादसे से बचा जा सकें। बापूनगर में नहर डम्पिंग यार्ड तब्दील है। नहर कचरे से अटी होने के कारण उसमें पानी आते ही उफन कर बाहर आएगा और घरों में घुसने का अंदेशा रहेगा। चार साल पूर्व मानसूनकाल के दौरान कुछ इसी तरह की परेशानी से बापूनगर के लोग जूझ चुके है। उस समय पानी घरों में घुस गया। घरेलू सामान खराब हो गए। इसके बाद भी हालात में कोई परिवर्तन नहीं आया। इसे लेकर प्रशासन तक को शिकायत की गई।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/monsoon-has-arrived-canals-still-damaged-in-bhilwara-8363440/
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