भलवड म सवनवतत क बद सवदकरम बन डयर स उठ रह मट तनखवह

सुरेश जैन
भीलवाड़ा. भीलवाड़ा सरस डेयरी में आरसीडीएफ के नियमों की अनदेखी करते हुए संविदा व ठेकाकर्मियों से महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं ली जा रही है। पन्द्रह से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्ति बाद भी बतौर संविदाकर्मी भीलवाड़ा डेयरी से मोटी तनख्वाह उठा रहे हैं। ये कर्मचारी तीन साल से भीलवाड़ा डेयरी में काम कर रहे हैं। इनका डेयरी में पूरा दखल है।

 

संविदा से नियुक्ति, लेकिन पद वही-
डेयरी में सेवानिवृित्त के बाद 15 कर्मचारी संविदा व एजेन्सी के माध्यम 25 से अधिक कर्मचारी डेयरी में लगे हैं। ये अब भी पुराने पद पर कार्यरत हैं। इनमें कई अहम पदों पर लगे हैं। इससे भीलवाड़ा डेयरी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इनमें कुछ कर्मचारी तत्कालीन चेयरमैन व राज्य के राजस्व मंत्री रामलाल जाट के नजदीकी हैं।

यह मिल रहा लाभ-
संविदा पर लगे कर्मचारियों को आवास, वाहन आदि की सभी सुविधा मिल रही है। हालांकि डेयरी के कई अन्य कर्मचारी किराए के मकान में रहते हैं। जनवरी में बोर्ड बैठक में एक कर्मचारी का कार्यकाल दो साल बढ़ाने का निर्णय हुआ, लेकिन आरसीडीएफ ने इसे नामंजूर कर दिया। हर बैठक में खुद राजस्व मंत्री मौजूद रहते हैं। लिहाजा कोई कुछ नहीं बोलता।

नियम, जिनकी नहीं हो रही पालना
- संविदा पर लेने को डेयरी को विज्ञप्ति जारी करनी होती है, जो नहीं की।
- आरसीडीएफ का कहना है कि संविदा पर लेने पर मूल वेतन में 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जोड़कर दे सकते हैं। भीलवाड़ा डेयरी सवा लाख रुपए से अधिक प्रतिमाह वेतन दे रही है।
- संविदा पर दो साल तक ही रखने का प्रावधान है। डेयरी में कई कर्मचारी तीन साल से नौकरी कर रहे हैं।
- सेवानिवृत के तुरंत बाद संविदा पर लगाने के बाद भी वेतन के लिए आरसीडीएफ के नियम आरटीटीपी एक्ट-2012 एवं नियम 2013 की पालना नहीं की जा रही है। इस नियम के तहत 50 हजार से अधिक का वेतन नहीं दिया जा सकता है। इसका खुलासा आरसीडीएफ की ओर से डॉ. करुण चण्डालिया को जारी नोटिस से होता है।
- आरसीडीएफ ने 17 मई 2022 को आदेश जारी कर ठेके से कार्यरत सभी कर्मचारियों को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन उसकी पालना आज तक नहीं हुई।
- एमडी के पद पर लगाई तत्कालीन एमडी के पास वित्तीय अधिकार नहीं थे। उसके बाद भी उन्होंने करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया था। सेवानिवृत्ति के बाद भी एक महिला कर्मचारी डेयरी में संविदा पर कार्यरत है और क्वाटर्स में रह रही है।
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बड़े पदों पर कर्मचारी, जो अब भी है तैनात
नाम सेवानिवृत वर्तमान पद
लक्ष्मीकांत जैन (प्रबन्ध संचालक) सलाहकार
अरविंद गर्ग (उप प्रबंधक विपणन) उप प्रबंधक विपणन
बीएस यादव ( उप प्रबंधक अभियांत्रिकी) उप प्रबंधक अभियांत्रिकी
भंवरलाल खाती (सहायक प्रबंधक अभियांत्रिकी) सहायक प्रबंधक अभियांत्रिकी
शिवपालसिंह (कनिष्ठ प्रबंधक) कनिष्ठ प्रबंधक
पेमाराम चौधरी (हैड केशियर) हैड केशियर
आशा शर्मा प्रबन्ध संचालक सहकारी समितियों के चुनाव संबन्धी कार्य
इनके अलावा गजराजसिंह, एसएन गुर्जर, काशिनाथ, उत्तम सारस्वत, रमेश शर्मा, रामचन्द्र कोली, एमएम सिंघल, डॉ.विजय तथा कौशल्या कंवर भी शामिल है।
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किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी-
भीलवाड़ा डेयरी के प्रबन्धक विपिन शर्मा ने सेवानिवृत्ति के बाद कितने कर्मचारी भीलवाड़ा डेयरी में काम कर रहे, इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया। पत्रिका संवाददाता ने डेयरी जाकर एमडी कार्यालय में एमडी शर्मा से सवाल किए कि सेवानिवृति के बाद कितने कर्मचारी डेयरी में कार्यरत है। सेवानिवृति के बाद कितने साल नौकरी पर ओर रखने का प्रावधान है। आरसीडीएफ के अनुसार ऐसे कर्मचारी को कितना वेतन देने का प्रावधान है। अभी ऐसे कर्मचारियों को कितना वेतन दे रहे हैं। लेकिन शर्मा ने सभी सवालों पर चुप्पी साधे रखी।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/after-retirement-becoming-a-contract-worker-getting-a-hefty-salary-8357688/

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