राजस्थान में यहां स्थित हैं 251 किलो पारे से बने महादेव, शिवलिंग के दर्शन मात्र से मिलता है त्रिदेव का आशीर्वाद
भीलवाड़ा/पत्रिका। Famous Shiv Mandir In Rajasthan: भीलवाड़ा जिले के शक्करगढ़ के संकट हरण हनुमतधाम मंदिर में 251 किलो पारे से निर्मित शिवलिंग प्रदेश का संभवतया पहला मंदिर है।
पारद शिवलिंग (पारे से निर्मित) का निर्माण अमर निरंजनी आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश पुरी महाराज के आग्रह पर महाकाल की भूमि उज्जैन में सिद्ध संत स्वामी नारदा नंद महाराज ने शास्त्रीय विधि से किया।
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18 फरवरी 2023 को उज्जैन से शक्करगढ़ हनुमत धाम लाए व इसी वर्ष 22 फरवरी को प्राण-प्रतिष्ठा की। महंत जगदीश पुरी के अनुसार, पारद शिवलिंग में ब्रह्मा विष्णु और महेश तीनों ही देव विद्यमान रहते हैं।
शिव पुराण के अनुसार सावन में पारद शिवलिंग की पूजा से सभी शिवलिंग की पूजा का फल मिलता है। श्री संकट हरण हनुमत धाम में हनुमान राम दरबार विग्रह, राधा-कृष्ण एवं पारदेश्वर महादेव की मूर्तियों के दर्शन एक साथ होते हैं।
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संन्यासी ही बनाते हैं
जगदीश पुरी बताते हैं कि पारा एक तरल धातु है। इसे चांदी एवं औषधीय पदार्थों से मिलाकर ठोस रूप दिया जाता है। पारे से शिवलिंग बनाने का अधिकार सिर्फ सन्यासी संतों को ही होता है।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/famous-shiv-mandir-in-rajasthan-shivling-temple-made-of-251-kg-mercury-in-bhilwara-8393645/
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