एक दन म डढ लख भकत क परस जएग भज

चित्तौड़गढ़ में नरबदिया गांव स्थित अमरा भगत की तपस्या स्थली अनगड़ बावजी के अवधेश चैतन्य नगर में सूरजकुंड धाम कुंभलगढ़ के संत अवधेश चैतन्य का चातुर्मास को लेकर भव्य मंगल प्रवेश शनिवार को होगा। मंगल प्रवेश को लेकर आखरी दिन तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। पहले दिन एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है। इसके लिए अवधेश चैतन्य नगर पूरी तरह से तैयार है। मंगल प्रवेश के दौरान आयोजित शोभायात्रा में 11 हजार महिलाएं मंगल कलश धारण करेगी।

संत अवधेश चैतन्य 108 संतों और सैंकडों अन्य संतों तथा हजारों श्रद्धालुओं के साथ मंगल प्रवेश करेंगे। मंगल प्रवेश को लेकर जिला कलक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने शुक्रवार को अनगढ़ बावजी में चातुर्मास और मंगल प्रवेश की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के पदाधिकारियों से चर्चा भी की।

यहां आयोजन समिति के अध्यक्ष रतनलाल गाडरी, सचिव हेमेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र जाट, कोषाध्यक्ष प्रदीप लढ़ा, कार्यालय प्रमुख घनश्याम गायरी, कन्हैयालाल वैष्णव, महेश जोशी, शंभू लाल सुथार, अशोक रायका, अशोक पारलिया, औंकार लौहार, हीरालाल रायका, उदय पवन आचार्य ,विमल अग्रवाल, राधेश्याम आचार्य, हरीश तलेसरा, भगवान लाल तिवारी व सुरेश चंद्र आचार्य आदि ने जिला कलक्टर को आयोजन स्थल का अवलोकन करवाया एवं व्यवस्थाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री समेत अति विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना के मद्दनेजर यहां हेलीपैड की व्यवस्थाओं को भी देखा।

प्रवेश दिवस के अवसर पर आयोजन समिति ने सवा लाख से ज्यादा लोगों के भोजन की व्यवस्था की है। मिठाई बनाने का कार्य दो दिन पहले शुरू हो गया। हलवाई की सौ टीम रसोई बनाने में जुटी है। दो ट्रॉली से ज्यादा मिठाई तैयार हो चुकी है, पूड़ी बनाने का कार्य रात्रि में शुरू होगा। हलवाई टीम आगामी 3 माह में 20 लाख से ज्यादा लोगों के भोजन तैयार करेगी।

आयोजन स्थल पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त रहेगा, इसके लिए भोजन व्यवस्था में स्टील की थाली का उपयोग होगा। बड़े आयोजन पर पत्तल दोने की जगह कमल, केले एवं पलाश के पत्तों से बने पत्तल दोने का उपयोग होगा। यहां चाय के लिए मिट्टी से बने कुल्हड़ का उपयोग होगा।

सामान्य दिनों में 5 से 10 हजार लोगों को भोजन की व्यवस्था में चपाती बनाने एवं आटा गूंथने के लिए दो मशीनें मंगवाई गई बड़े आयोजन पर पूडी बनाई जाएगी। चातुर्मास आयोजन की व्यवस्था में विभिन्न समाज के दो सौ स्वयंसेवक स्वैच्छिक सेवा दे रहे हैं।

इधर, संत अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी सौ से ज्यादा साधु-संतों के साथ शुक्रवार शाम सांवलिया जी मंदिर पहुंचे। यहां सभी संतों दर्शन कर भगवान से चातुर्मास की सफलता एवं विश्व शांति की कामना की। साधु-संत रात्रि विश्राम सांवलिया जी के गोकुल विश्रांति गृह में करेंगे तथा सुबह नरबदिया गांव के लिए रवाना होंगे।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/one-and-a-half-lakh-devotees-will-be-served-in-one-day-8344892/

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