रंग-बिरंगी शिमला मिर्च ने बदली व्यापारी की तकदीर

नेट हाउस से फायदा
उस्मान लोहार ने सरकारी योजना से नेट हाउस लगाया। इसमें रंग- बिरंगी शिमला मिर्च लगाई। फसल तैयार होकर अच्छा उत्पादन दे रही है। अच्छे मुनाफे से उत्साहित होकर ओपन स्ट्रॉबेरी, देसी मिर्च, टमाटर की फ सल भी लगाई। मंडियों में शिमला मिर्च की मांग अधिक होने से आय में भी बढ़ोतरी हुई। इससे पहले लगाई खीरा-ककड़ी रास नहीं आई।

रिश्तेदार से मिली प्रेरणा
उस्मान ने बताया की अपने रिश्तेदार के यहां ग्रीन हाउस में खीरा -ककड़ी की फ सल देखी। फ सल को देखकर अपने खेत पर भी फ सल लगाने का निश्चय किया। रिश्तेदार की मदद से कृषि विभाग से संपर्क किया और सरकारी सहायता से नेट हाउस लगा कर खेती शुरू की।

केंचुआ खाद बनाने की भी तैयारी
किसान ने बताया की खेती के लिए सबसे उपयोगी खाद केंचुआ खाद है। इसके लिए वे खेत पर ही एकसौ बेड बनाकर केंचुआ खाद बनाने की तैयारी कर रहे हैं। जैविक फ सल के साथ इससे कम लागत में उपज मिल सकेगी। केंचुआ खाद पोषण पदार्थों से भरपूर एक उत्तम जैव उर्वरक है। यह केंचुआ आदि कीड़ों के द्वारा वनस्पतियों एवं भोजन के कचरे आदि को विघटित करके बनाई जाती है।

फारूक लौहार — बीगोद



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/capsicum-farming-8183798/

Comments

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा के 70 वार्डो में पड़े मत प्रतिशत की स्थिति

भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

श्रुत पंचमी पर जिनवाणी की निकाली शोभायात्रा