भीलवाड़ा कलक्टर अंकल, हमारा बचपन संवार दें

गुजरात में डेढ़ माह पूर्व गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट से दंपती की मौत की घटना के बाद परिवार की चार बेटियां अनाथ हो गई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि जिला कलक्टर बेटियों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए तो उनका लालन पालन बेहतर तरीके से हो सकता है।

जानकारी के अनुसार पाटन निवासी चांदमल गुर्जर गत आठ वर्षों से सूरत जिले के सिमाड़ा गांव में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। गत 1 फरवरी 2023 को सिमाड़ा में घर पर खाना बनाते वक्त अचानक गैस सिलेंडर के फट जाने से बड़ा हादसा हो गया। इसमें चांदमल गुर्जर व उसकी पत्नी शीला देवी गुर्जर की झुलसने से मौत हो गई। जबकि बालिका कृष्णा 5 वर्षीय गंभीर रूप से झुलस गई।

इस घटना से परिवार की चारों बेटियों से माता-पिता का साया उठ गया। बालिकाओं का पालन पोषण अभी बदनोर क्षेत्र के माताजी का खेड़ा में नाना कानाराम गुर्जर कर रहे है। लेकिन उनकी आ र्थिक हालत भी ठीक नहीं है। गांव के देवीलाल गुर्जर ने बताया कि नाना गुर्जर गरीब परिवार से है, वह चारों बालिकाओं के लालन पोषण करने में असमर्थ है, चारों बेटियों की मदद के लिए स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार को मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए।

इधर, बालिका निरमा (7), कृष्णा (5) व खुशी (3) डेढ़ वषीZय पायल की आंखें भी भामाशाह व जिला कलक्टर की मदद का इंतजार कर रही है। परिजन कहते है कि कलक्टर अंकल, इन बेटियों की पीड़ा सुन लेते हो, इनका भविष्य संवर जाए।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/bhilwara-collector-uncle-hamaara-bachapan-sanvaar-den-8131166/

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