सख्ती का दिखा असर: आठ बजे शराब की दुकानें बंद, चोरी छिपे बेचने का धंधा जारी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रात आठ बजे शराब के ठेके बंद करने के आदेश की सख्ती का असर शनिवार को भी नजर आया। भीलवाड़ा शहर में रात आठ बजते ही दुकानों के शटर गिर गए,लेकिन चोरी-छिपे शराब बेचने का धंधा चलता रहा। पियक्कड़ दुकान के आसपास मंडराते रहे। ठेका संचालक भी पियक्कड़ों की पहचान कर उनको इधर-उधर से व्यवस्था करते नजर आए। राजस्थान पत्रिका टीम के कैमरे की फ्लेश चमकी तो पियक्कड़ों ने भी दौड़ लगाई।
टीम ने समेलिया फाटक, पुराना बस स्टैंड, बड़ला चौराहा, तेजसिंह सर्किल, सत्यम कॉम्प्लेक्स, सुखाडिया सर्किल, पांसल चौराहे समेत कई जगहों का दौरा कर सीएम के आदेश की पालना का जायजा लिया। रात आठ बजने पर ठेका संचालकों ने बत्ती गुल करके शटर गिरा दिए। ठेके के पीछे के जुगाड़ दरवाजे व खिड़की पर दस्तक देते नजर आए। कई स्थानों पर ठेका संचालक इन जुगाड़ रास्तों से चोरी-छिपे शराब देते रहे। उधर, पुलिस ने भी गश्त बढ़ा दी है। सीएम के आदेश की पालना करवाने के लिए ठेकों के बाहर पहुंच कर संचालकों को कार्रवाई का डर बताते हुए नियमों की पालना के लिए चेताया। हालांकि लोगों का कहना था कि यह सख्ती कब तक रहेगी यह देखना है। दरअसल, गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि रात 8 बजे के बाद शराब की दुकानें खुली मिली तो पुलिस अफसर पर कार्रवाई होगी। भीलवाड़ा शहर में रात आठ बजते ही दुकानों के शटर गिर गए,लेकिन चोरी-छिपे शराब बेचने का धंधा चलता रहा। पियक्कड़ दुकान के आसपास मंडराते रहे। ठेका संचालक भी पियक्कड़ों की पहचान कर उनको इधर-उधर से व्यवस्था करते नजर आए।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/effect-of-strictness-liquor-shops-closed-at-eight-o-clock-business-7915384/
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