बाहर गा रहे चिरंजीवी का गाना, अंदर इलाज में आनाकानी

भीलवाड़ा।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल आनाकानी कर रहे हैं। निजी अस्पताल बाहर दिखावे के लिए चिरंजीवी योजना में इलाज के बोर्ड लगाकर रखते हैं लेकिन अंदर तरह-तरह के बहाने बनाकर मरीजों को टरकाते हैं। जरूरतमंद को योजना का फायदा नहीं दे रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल चिरंजीवी योजना में मरीजों को जान का भय दिखाकर इलाज का आधा-अधूरा तो कभी-कभी पूरा पैसा भी वसूल रहे हैं।


राज्य सरकार चिरंजीवी योजना में करीब 1597 हेल्थ पैकेज निशुल्क उपलब्ध करा रही है। इनमें कोविड-19, ब्लैक फंगस, कैंसर, पैरालाइसिस, हार्ट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियां शामिल है। सरकार ने दो श्रेणियों में निशुल्क व सशुल्क रजिस्ट्रेशन कर जरुरतमंद को निशुुुल्क उपचार का सपना दिखाया था। इसके बाद निशुल्क जांच को भी शामिल किया। योजना के तहत दस लाख रुपए तक का बीमा कवर भी निशुल्क है।


केस-01
भीलवाड़ा निवासी नवनीत रांका ने अपने ससुर को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां ङ्क्षचरजीवी योजना का बोर्ड लगा था। उनसे डॉक्टर से स्टंट लगाने को कहा। जब चिरंजीवी योजना के तहत निशुल्क स्टंट डालने की बात आई तो अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए 50 फीसदी खर्चा मांगा। साथ ही योजना में लगने वाले स्टंट की गुणवत्ता हल्की बताई। उनके परिवार ने तुरंत इंतजाम कर अस्पताल में पैसे जमा कराए।
केस-02
शाहपुरा निवासी रवि सोनी की पत्नी गत वर्ष अगस्त में बीमार हुई तो उसे भीलवाड़ा रैफर किया गया। उसे शहर के प्रमुख निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ङ्क्षचरजीवी योजना में इलाज का बोर्ड लगा था। बीपीएल श्रेणी में होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने चिरंजीवी योजना में इलाज से मना कर दिया। रवि बोले, इसके लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर राष्ट्रपति तक शिकायत कर चुका हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


दिखावे की योजना
जिला उपभोक्ता अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष अरङ्क्षवद पोखरना का कहना है कि सरकार दिखावे के लिए योजना चला रही है। निजी अस्पताल प्रशासन और सरकार की नहीं मान रहे हैं। मरीजों से पैसा लूट रहे हैं। इनके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। हमने पूर्व में भी इसकी शिकायत की थी। प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे।


परिजनों से सौदा, आधे दाम तो चुकाओ
अस्पताल प्रबंधन योजना में इलाज कराने आने वाले मरीजों से तरह-तरह के दस्तावेज मांगते हैं। जब दस्तावेज ले आता है तो डराया जाता है कि योजना में इस्तेमाल दवा और उपकरण की क्वालिटी अच्छी नहीं है। जान का भय दिखाकर पैसे मांगे जाते हैं। रोगी को तुरंत उपचार की जरूरत होती है इसलिए उसके परिजनों के पास कोई चारा नहीं होता और पैसे देकर उपचार कराते हैं। वहीं कई निजी अस्पताल ऑपरेशन, सर्जरी व अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को योजना का लाभ देने की एवज में आधे पैसे में सौदा कर रहे हैं।


इनका कहना है
निजी अस्पतालों को चिरंजीवी योजना का लाभ जरूरतमंद को देने के निर्देश दे रखे हैं। कड़ाई से पालना करने को कह रखा है। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण भी किए जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर निजी अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-मुश्ताक खान,
सीएमएचओ, भीलवाड़ा



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/chief-minister-chiranjeevi-health-insurance-scheme-in-bhilwara-7890995/

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