कोरोना काल से उबरी कारीगरी, दो साल बाद दिवाली गिफ्ट
भीलवाड़ा. इस दिवाली रंगाई-पुताई से जुड़े कारीगरों को काम का तोहफा मिल रहा है। कोरोना के दो साल रंगाई-पुताई के कारीगर लगभग बेरोजगार थे। इस बार उनकी मांग बढ़ी है। घरों के अलावा दुकानों, होटल व रिसोर्ट में रंगाई-पुताई चल रही है। कारीगरों का काम बढ़ गया। इस मानसून में अच्छी बारिश ने भी घरों की रंगाई-पुताई की मांग बढ़ा दी।
दीपावली सीजन में शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में रंगाई-पुताई के कामगारों की भारी मांग सामने आ रही है। एक अनुमान के अनुसार तीन हजार कारीगर इस कार्य में जुटे हैं। उनकी दिहाड़ी भी बढ़ी है। निर्माण कार्यों में लगे मजदूर भी बढ़ती मांग के मद्देनजर रंगाई-पुताई कार्य से जुड़ गए। पत्थर और सीमेंट-बजरी ढोने वाले हाथों ने ब्रश थाम लिए।
इधर, ऑयल पेंट की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की वृदि्ध देखी जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, होटल-रिसोर्ट्स में एक से अधिक पेंटर एक साथ काम निपटा रहे हैं। घरों में पेंटिंग बनाने के ऑर्डर भी मिले हैं।
बारिश ने बढ़ाया काम
इस बार दीपावली सीजन में पेंटर्स और श्रमिकों को घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अच्छा काम मिल रहा है। बरसात की वजह से हर कोई घरों में रंगाई-पुताई कराने में लगा है। बारिश के कारण घरों व दुकानों के रंग खराब हो गए।
- दिनेश कानावत, कारीगर
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/workmanship-recovered-from-corona-era-diwali-gift-after-two-years-7816678/
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