आग की मॉक डि्ल कराई, मानसून में डूबते को बचाना कौन सिखाएगा
मानसून आगाज के बाद आग से बचाव का तरीका और सजगता प्रशासन ने सीखा दिया, लेकिन अतिवृष्टि में डूबते को बचाने की सीख कौन देगा? कहने को आपदा प्रबंधन की टीम है, लेकिन अब तक ना अतिवृष्टि के बाद बचाव के तरीके बताए और ना डूबते की जान बचाने के लिए आमजन को सीख देने प्रशासन आगे आया। मानसून की मेहरबानी से नदी-नाले उफान पर हैं। शहर में बन छह अंडरब्रिज मौत के कुएं बने हैं। तेज बारिश में अंडरब्रिज लबालब हो रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों को डूबते को बचाने की सीख देने की जरूरत है। इसके लिए बकायदा मॉक डि्ल करवाई जाए ताकि लोग बचाव का तरीका आसानी से समझ सकें। अब तक इस तरह की कोई मॉक डि्ल संभवतया हुई ही नहीं।
जिसकी जरूरत अभी नहीं, उसके लिए पहुंचा लवाजमा
25 जुलाई को प्रशासन ने व्यवस्था और सजगता को परखने के लिए रिलायंस मॉल में आग लगने की मॉक डि्रल की। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के साथ अन्य अधिकारी मॉल पहुंचे। बकायदा सुरक्षा इंतजाम परखे। जिला कलक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने व्यवस्था देखी, लेकिन इस समय आग को परखने की नहीं बल्कि मानसून में जिंदगी बचाने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को मॉक डि्ल के जरिए बचाव का तरीका बताया जाए।
देखते रहे लोग, डूबता रहा किशोर
हरणी महादेव में गुरुवार को किशोर की तालाब में डूबने से हादसा प्रशासन की लापरवाही की बानगी साबित करता है। किशोर डूबता रहा और किनारे खड़े लोग बेबस होकर देखते रहे। बचाव का तरीका नहीं बताए जाने से यह सब हुआ।
केस-01
भीलवाड़ा में सांगानेर रोड पर तीन दिन पहले की चार घंटे हुई तेज बरसात ने सड़क को दरिया बना दिया। इसी रोड पर नाले में रोडवेज बस फंस गई। रोडवेज यात्रियों की जान सांसत में आ गई। बस से यात्रियों को बमुश्किल निकाला गया।
केस-02
भीलवाड़ा में बाबाधाम रोड पर अंडरब्रिज में भरे पानी में तीन दिन पूर्व एक व्यक्ति ने कार उतार दी। कार के कांच नहीं खुले और गाड़ी डूबती गई। दो जनों ने जान पर खेलकर उसे निकाला। बचाव की सीख नहीं मिलने से अन्य लोग खड़े देखते रहे।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/fire-mock-drill-done-who-will-teach-to-save-drowning-in-monsoon-7681007/
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