bhilwara news: एसबीएम के नाम पर 300 फीसदी अधिक राशि खर्च
स्वच्छ भारत मिशन में प्रशिक्षण व प्रचार मद में अनुमत से 300 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च करने की जांच शुरू हो गई है। जांच के लिए जयपुर से एक टीम गुरुवार शाम को भीलवाड़ा आई। टीम शुक्रवार को जिला परिषद से पूर्व में हुई आंतरिक जांच रिपोर्ट तथा उससे जुड़े दस्तावेज अपने साथ ले गई है। जयपुर से आए अधिकारियों का मानना है कि जिला परिषद में जो आंतरिक जांच हुई हैं, उसकी रिपोर्ट गोलमाल है। इस रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि अनुमत राशि से अधिक खर्च किसके आदेश पर किया गया। मात्र डेढ़ पेज की जांच रिपोर्ट में अधिक राशि की वसूली के बारे में भी निर्देश नहीं दिए गए है।
पिछले दिनों भीलवाड़ा में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश मीणा ने जिला परिषद की समीक्षा बैठक ली थी। बैठक में जलग्रहण विकास, भू संरक्षण विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थी। मीणा ने एसबीएम के कोर्डिनेटर दिनेश चौधरी को तुरन्त हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद प्रमुख शासन सचिव अर्पणा अरोड़ा ने 19 मई को पंचायती राज विभाग के वित्तीय सलाहकार की अध्यक्षता में चार अधिकारियों की कमेटी गठित कर 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। यह टीम गुरुवार को भीलवाड़ा पहुंची और सर्किट हाउस में दस्तावेज मंगवाकर जानकारी ली। यह टीम शुक्रवार को जयपुर लौट गई।
यह है मामला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2019-20 में प्रशिक्षण व प्रचार प्रसार में अनुमत मद से 300 प्रतिशत अधिक राशि का व्यय किए जाने, बिना निविदा के वॉल पेन्टिंग का कार्य करवाने एवं केआरसी को विभागीय मानदण्डों के अनुरूप प्रशिक्षण नहीं करवाने के बावजूद 3.79 करोड रुपए का भुगतान किए जाने संबंधी अनियमितताएं सामने आई है।
...............
पांच सदस्यों की कमेटी ने की जांच
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की जांच के लिए जिला परिषद के पांच अधिकारियों की एक टीम बनाई थी। टीम ने आईईसी मद में किए गए व्यय से संबंधित दस्तावेज की जांच की थी। इसमें जिला स्तर पर बजट आवंटन का उपयोग की गई राशि का 3.75 प्रतिशत आईईसी मद में व्यय किए जाने का प्रावधान है। जांच में माना गया कि यह व्यय 4034 प्रतिशत व 13495 प्रतिशत अधिक किया गया है। टीम ने वर्ष 2014 से वर्ष 2021.22 तक किए गए व्यय की जांच की। जांच में वर्ष 2019.20 में 4034 व 2020.21 में 13495 प्रतिशत राशि अधिक व्यय करना बताया गया है। वर्ष 2019.20 में 16 लाख 70 हजार 412 रुपए के बजाय 6 करोड़ 90 लाख 61 हजार रुपए व्यय किए गए, जो 4034 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 2 लाख 3 हजार 194 रुपए के बजाय 2 करोड़ 76 लाख 24 हजार 519 रुपए खर्च कर दिए, जो कि 13495 प्रतिशत अधिक राशि है।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/bhilwara-news-300-percent-more-amount-spent-in-the-name-of-sbm-7586426/
Comments
Post a Comment