चीनी हुई कड़वी, तेल की चढ़ी त्योरियां

जयप्रकाश सिंह
भीलवाड़ा। कोरोना महामारी, लॉकडाउन के बाद महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। घर में राशन से लेकर मोबाइल पर बात करना और गाड़ी पर घूमना कई गुना महंगा हो गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल जरूरत की हर चीज की कीमत में 50 से 100 फीसदी तक इजाफा हो गया है। त्योहारी सीजन में जहां चीनी कड़वी लगने लगी है, वहीं तेल भी त्योरियां चढ़ा रहा है। चार सदस्यों के औसत परिवार में जहां पहले महीने की रसोई का सामान 7 से 8 हजार रुपए में आ जाता था, वहीं अब इसके लिए 12 से 14 हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। हमने रोजमर्रा के काम आने वाली चीजों की पिछले साल अक्टूबर और वर्तमान में कीमत से तुलना की, तो इसमें खासा अंतर देखने को मिला। कीमतों में भारी बढ़ोतरी के पीछे मांग और आपूर्ति में खासा अंतर बताया जा रहा है। जहां विदेशों से आने वाली कई चीजों का कच्चा माल खासा महंगा हो गया, वहीं लॉकडाउन हटने के बाद बाजार में मांग के अनुरूप सामान की सप्लाई नहीं होने से मुनाफाखोरी भी बढ़ गई।
किचन में सबसे ज्यादा मार
महंगाई का सबसे ज्यादा असर किचन पर पड़ा है। यहां रसोई गैस से लेकर खाद्य सामग्री खासी महंगी हो गई है। खाद्य तेलों के भाव दोगुने तो दलहन के भाव ५० फीसदी तक बढ़ गए हैं। पिछले तीन माह में शक्कर के भाव में ५ से १० रुपए किलो तक की तेजी आई है। इसके अलावा सभी तरह की खाद्य सामग्री के दामों में 15 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। दूध के दाम भी 5 से दस रुपए किलो तक बढ़ गए हैं। पिछले दिनों हुई बरसात के बाद आलू-प्याज से लेकर सब्जियों के दामों में खासा इजाफा हुआ है। टमाटर और ज्यादा लाल तो प्याज की कीमतें और ज्यादा रुलाने लगी हैं।

पेट्रोल-डीजल 27, रसोई गैस 310 रुपए महंगा
पिछले साल अक्टूबर की तुलना में अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 27 रुपए तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले साल 25 अक्टूबर को भीलवाड़ा में पेट्रोल 88 रुपए 41 पैसा प्रति लीटर और डीजल ७९.५२ रुपए प्रति लीटर था, वहीं इस साल २५ अक्टूबर को पेट्रोल ११५.०८ रुपए प्रति लीटर और डीजल १०६.४१ रुपए प्रति लीटर हो गया। रसोई गैस भी पिछले साल की तुलना में इस साल ३१० रुपए प्रति सिलेण्डर अधिक है। गत साल अक्टूबर में रसोई गैस ६१५ रुपए प्रति सिलेण्डर थी, जो अब बढ़कर ९२५ रुपए हो गई है। पिछले साल अप्रेल से रसोई गैस पर सब्सिडी भी बंद है।
जरूरी दवाएं भी २० फीसदी तक महंगी
ज्यादातर घरों में डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के मरीज हैं। इन मरीजों की नियमित दवा चलती है। इनकी दवाओं में भी १५ से २० फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। डायबिटीज की दस गोली का पत्त्ता पहले ७२ रुपए का था, वह अब ९२ रुपए का हो गया है। जानकारों के अनुसार दवा में काम आने वाला कच्चा माल और साल्ट चीन से आता है। वहां की चीजों पर आयात पर प्रतिबंध और कड़े कस्टम नियमों के चलते उनकी कमी हो गई है। वहीं कीमतों में खासी बढ़ोतरी भी हो गई है, इस कारण सभी तरह की दवा और इंजेक्शन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
मोबाइल पर बात करना महंगा
मोबाइल कम्पनियों ने अपना डेटा प्लान में खासी बढ़ोतरी कर दी है। जानकारों के अनुसार मोबाइल पर नॉर्मल वाइस और डेटा प्लान ५० से १०० रुपए तक महंगे हो गए हैं। इसी तरह केबल और डीटीएच कंपनियां भी अपनी दरों में इजाफा करने जा रही हैं।
तीन हजार तक दोपहिया वाहन महंगे
पिछले साल की तुलना में इस साल दोपहिया वाहनों की कीमतों में तीन हजार रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। वाहन विक्रेताओं के अनुसार विदेशों से आने वाले कई कलपुर्जे महंगे होने से वाहनों की लागत बढ़ गई है।
बिजली की दरों में बढ़ोतरी
प्रदेश में पिछले एक साल में बिजली के बिलों में फ्यूल सरचार्ज के रूप में लगभग ३० पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई है। कई अन्य तरह के टैक्स से भी बिजली महंगी हुई है। बिजली की लागत बढ़ने से भी कई चीजों की कीमतों में इजाफा हुआ है।
इस तरह हुआ कीमतों में इजाफा
सामान अक्टूबर २०२० अक्टूबर २०२१
तेल सोयाबीन प्रति लीटर ९०-१०० १५०-१६०
देसी घी ३९० ४२०
मूमफली तेल ११०- १२० १७०-१९०
सरसों तेल ११० २००
शक्कर ३५ ४२
चना दाल ६३-६५ ७०-७२
मूंग दाल ७५ ९०
उड़द दाल ८० ९५
सर्फ ४५-५० ६०-६५
साबून ८०-८५ ९५- ११०
बादाम ६४०-७०० ८५०-९००
काजू ७६०-८०० ८६०- ९६०
लाल मिर्च २०० २५०
चना दाल ६३-६५ ७०-७२
मूंग दाल ७५ ९०
उड़द दाल ८० ९५
सर्फ ४५-५० ६०-६५
साबून ८०-८५ ९५- ११०
बादाम ६४०-७०० ८५०-९००
काजू ७६०-८०० ८६०- ९६०
लाल मिर्च २०० २५०
हल्दी ११० १६०
जीरा १८० २२०
धनिया ११० १५०



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/sugar-turned-bitter-oily-ridges-7145566/

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