सांगानेर पुलिया को लेकर लोगों का संघर्ष लाया रंग


भीलवाड़ा। पचास गांवों से जुड़ाव, रोजाना पचास हजार से अधिक लोगों की आवाजाही, एक दशक में सौ से अधिक मौतें। इसके बावजूद सांगानेर रोड पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के बावजूद हाईलेबल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं सका। शासकीय हालात यह है कि बजट मंजूरी की स्वीकृति भी दो साल बाद इसी सप्ताह जारी हो सकी, जबकि साथ की दो अन्य ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तो शुरू भी हो चुका है।

सांगानेर उपनगरीय क्षेत्र भीलवाड़ा शहर का बड़ा हिस्सा है, शहर व सांगानेर को कोठारी नदी की पुलिया जोड़ रही है। यह पुलिय सकड़ी एवं छोटी होने से यहां आए दिन हादसे होते है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार यहां एक दशक के दौरान सौ से अधिक मौत सड़क दुर्घटना में हो चुकी है, आए दिन दुर्घटना होना आम है। बारिश के दिनों में यहां कोठारी नदी का जल स्तर बढऩे से पुलिया के दोनों तरफ आवाजाही रूक जाती है और वाहनों की कतार नजर आती है।

दो दिन तक रहे कोठारी नदी में
सांगानेर कोठारी नदी पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर सांगानेर समेत आसपास के गांवों के लोगों ने फरवरी 2020 में सांगानेर कस्बा बंद कर विरोध जताया और दो दिन तक नदी के पानी में खड़े रहे कर विरोध जाहिर किया।

तीन मंजूर, सिर्फ सांगानेर का काम अटका
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष २०१९-२० के बजट में सांगानेर की कोठारी नदी पुलिया पर तेरह करोड़ की लागत से निर्माण कराने की घोषणा की थी। लेकिन यहां पुलिया निर्माण को लेकर सरकार व नगरीय विकास विभाग ने गंभीरता नहीं दिखाई। वही अभी जरूरत नहीं होने के बावजूद जोधड़ास चौराहा पर 40 करोड़ व केशव होस्पिटल के समीप १३ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। केशव होस्पिटल के निकट बन रहे ओवरब्रिज को लेकर तो शिकायतें तक नगरीय विकास विभाग व एसीबी में दर्ज है।

दो बार मंजूरी, तीसरी बार में काम की उम्मीद
नगर विकास न्यास ने चौदह साल में दो बार पुलिया निर्माण की मंजूरी दी, इसके बावजूद यहां कार्य शुरू नहीं हो सका। तत्कालीन यूआईटी सचिव गोपाल खण्डेलवाल ने बोर्ड बैठक में पुलिया निर्माण के लिए १८ करोड़ तक मंजूर किए थे, लेकिन भाजपा का शासन जाते ही प्रस्ताव अटक गए। सीएम बजट के अनरूप निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से न्यास सचिव भी अपनी नाराजगी विभाग को जता चुके है।

सांगानेर से पचास गांवों का जुड़ाव

समाज सेवी कैलाश सुवालका ने बताया है कि भीलवाड़ा व सांगानेर से रोजाना पचास हजार से अधिक लोग इस पुलिया से गुजरते है, यहां मार्ग पर चौबीस घंटे आवााजाही रहती है। इसी प्रकार भीलवाड़ा से सांगानेर होते हुए बनेड़ा व शाहपुरा जाने के लिए भी यह रास्ता सहज एवं सुगम है। इसी रास्ते से ढीकोला, रिछड़ा, सिदडियास, खेडलिया, करमडास, भैरूनाथ चालानिया के साथ ही पालड़ी, लोडा महुआ, कंकरोलिया, कालियाखेड़ा व गोविंदपुरा के लिंक रोड भी जुडे हुए है। एक दशक से पुलिया निर्माण की मांग हो रही है। इस मार्ग से करीब पचास गांवों का जुड़ाव है। यहां मेडिकल कॉलेज होने के साथ ही बहुद्देश्यीय योजना का बड़ा हिस्सा जुड़ा हैा


तीस करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी

नगरीय विकास विभाग ने मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत सांगानेर उपनगर शहर को मुख्य शहर से जोडऩे के लिए कोठारी नदी पर हाई लेवल ब्रिज निर्माण कार्य के लिए तीस करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
अजय कुमार आर्य, सचिव नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा

सीएम बजट की अनदेखी
कांग्रेस शासन में भीलवाड़ा विकास कार्यों से अपेक्षित रहा है, सीएम ने बजट २०१९-२० में सांगानेर रोड, जोधड़ास चौराहा व केशव होस्पिटल के समीप हाईलेबल ब्रिज निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन नगर विकास न्यास ने भू माफियाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जोधड़ास व केशव के निकट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया , लेकिन सरकार ने शहर की सबसे बड़ी जरुरत सांगानेर पुलिया के निर्माण कार्य को लेकर गंभीरता ही नहीं दिखाई।
विठ्ठलशंकर अवस्थी, विधायक भीलवाड़ा



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/people-s-struggle-over-sanganer-culvert-brought-color-7144672/

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