कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में दर्शन व प्रसाद पर रोक
भीलवाड़ा।
जिले भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को मनाई जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने मंदिरों में सार्वजनिक आयोजनों और झांकियों पर रोक लगा दी है। मंदिरों में पुजारी और सेवादार पूजा अर्चना और आरती कर सकेंगे, लेकिन श्रद्धालुओं के दर्शन, प्रसाद वितरण पर रोक रहेगी। शहर के प्रमुख मंदिरों पर भीड़ न हो, इसके लिए शाम से ही यहां बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा ने बताया कि शहर के सभी प्रमुख मंदिरों के पुजारियों और उनके ट्रस्टियों को कोतवाली में बुलाकर उन्हें कोरोना गाइड लाइन की पालना करने तथा मंदिर में किसी भी तरह का आयोजन नहीं करने की सलाह दी है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिरों में झांकियां नहीं सजेगी। मंदिरों के मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। कृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम और आरती में केवल पुजारी और सेवादार मौजूद रहेंगे। मंदिरों में भगवान को भोग लगाया जा सकेगा, लेकिन प्रसाद का वितरण नहीं होगा। बैठक में उपखंड अधिकारी ओम प्रभा, उप पुलिस अधीक्षक भंवर रणधीर सिंह तथा शहर कोतवाल डीपी दाधीच भी मौजूद थे।
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आरती होगी, डायमण्ड का चोला चढ़ेगा
शहर के मुख्य डाकघर के सामने स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी पर हनुमान जी को डायमंड का चोला चढ़ाया जाएगा। कोरोना गाइड लाइन की पालना करते हुए दर्शन के लिए मंदिर में लोगो को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। रात १२ बजे आरती के बाद ११ किलो मावे का केक काटा जाएगा। प्रसाद का वितरण नहीं होगा।
बालाजी मार्केट स्थित बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव कोविड गाइडलाइन के अनुसार मनाया जाएगा। पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि सभी सेवा और पूजा मंदिर के अंदर ही केवल मंदिर के ट्रस्टी व पुजारियों के माध्यम से होगी। हनुमान जी को रजत चोला श्रृंगार होगा। रात्रि 10.30 से 11.30 बालमुकुंद का दूध अभिषेक एवं रात्रि 12.30 बजे आरती होगी।
रोडवेज बस स्टैंड स्थित आनंदधाम हवेली मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंगला दर्शन में पंचामृत स्नान 7 बजे तथा श्रृंगार दर्शन प्रात: तिलक माला 10 बजे होंगे। राजभोग दर्शन भीतर ही होंगे यानी भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर ट्रस्टी सुमन बाहेती ने बताया कि वैष्णव भक्त भोग आरती दर्शन शाम 6:30 बजे से रात 8 बजे तक कर सकेंगे। इसके बाद के दर्शन सभी भीतर होंगे। मंगलवार को प्रात: नंद महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन पालना दर्शन सुबह 10 बजे खुलेंगे। हालांकि ये दर्शन सेवा की अनुकूलता से खुलेंगे। इसके बाद राजभोग दर्शन भीतर होंगे। सांयकाल दर्शन शयन आरती 7 बजे होगी।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/ban-on-darshan-and-offerings-in-temples-on-krishna-janmashtami-7035334/
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