बच्चों की ना समझी पर बड़े बुजुर्ग देते है नसीहत

भीलवाड़ा। भीमगंज थाना क्षेत्र से वस्त्रनगरी का इतिहास जुड़ा हुआ है, यहां की एतिहासिक धरोहर, मंदिर व मणिहारी बाजारी की अपनी शान है। यहां सभी जाति व धर्म के लोग आपस में मिल जुलकर रहते है। यदि कोई विवाद बच्चों की नासमझी से हो भी जाए तो हम उसे मिल बैठक कर सुलझा लेते है। बड़ों ने ताउम्र जो सीखा है और समझा है, उसे अपनी पीढ़ी को बताते है और समझाते भी है।

राजस्थान पत्रिका का बहुत-बहुत धन्यवाद की बड़े बुजुर्गों को वह इतना सम्मान दिए हुए है। राजस्थान पत्रिका के पुलिस पब्लिक संवाद कार्यक्रम के तहत गुरुवार को भीमगंज पुलिस थाना में क्षेत्र के वरिष्ठजनों के साथ थाना प्रभारी सुरेश चौधरी के सानिध्य में हुए पुलिस पब्लिक संवाद कार्यक्रम में यह बात सामने आई।

तंग गलियों में दौड़ती है कारें

संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठजनों ने कहा कि पुराना भीलवाड़ा क्षेत्र में सर्राफा बाजार का हिस्सा काफी तंग है। यहां सड़कों के दोनों तरफ वाहनों की कतारें रहती है। इससे यहां आवाजाही में समस्या आती है। उन्होंने यहां चौपहिया वाहनों का प्रवेश निषेध करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि पुलिस को जनता से जुड़ा रहना चाहिए, सीएलजी व शांति समिति की बैठकों के अलावा थाना पुलिस को सेक्टर या मोहल्ला वार लोगों से मिलना चाहिए। ताकि लोग भी अपने आपको को पुलिस का दोस्त महसूस कर सकें।


राजीनामें हो चुके मुकदमों में हो निस्तारण

वरिष्ठजनों ने थाने में परिवादियों की सुनवाई के प्रति पुलिस कर्मियों का रूख नरम रहे और उन्हें सम्मान मिलें, इस पर जोर दिया। उनका कहना था कि आदर सम्मान मिलने से पीडि़त जनों को भी अहसास होगा कि उनके साथ यहां न्याय होगा। संवाद में वरिष्ठजनों ने पुलिस थाने की कई कानूनी प्रक्रियाओं में लचीलापन लाने के सुझाव दिए। उनका कहना था कि जिन मामलों में राजीनाम हो चुका है, उनका निस्तारण जल्द हो जाना चाहिए। वरिष्ठजनों ने कोरोना संकट काल में सर्वधर्म की भावना से लोगों ने एक दूसरे की जिस प्रकार मदद की और सहयोग के लिए तत्पर रहे, इसकी तेहदिल से तारीफ की।

व्यापार मंडलों से करेंगे बैठक

थाना प्रभारी सुरेश चौधरी ने थाना क्षेत्र के वरिष्ठजनों की सुझबुझ एवं विकट हालात में मिलें सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाजारों से अतिक्रमण से मुक्ति व सुरक्षा संबंधी मामलों के लिए वह जल्द व्यापार मण्डलों के साथ बैठक करेंगे। उनका कहना था कि यदि व्यापारी स्वयंं अपनी दुकान का सामान सड़क के बजाए भीतर रखे तो समस्या का समाधान स्वत: हो जाएगा। चौधरी ने वरिष्ठ जनों को कहाकिवह क्षेत्र के जान व माल की सुरक्षा में किसी प्रकार की कौताही नहीं बरतें हुए है। क्षेत्र के लोगों को भी मित्र बन कर पुलिस की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए।

संवाद में यह बोले
संवाद में मीठूलाल स्वर्णकार, नूर मोहम्मद मेवाफरोश, उदयलाल समदानी, सलाम भाई नागौरी, सत्यनारायण तोतला, फूलचंद दरक, मोहम्मद ताहिर पठान, रामस्वरूप सामरिया, रामगोपाल बाहेती, कैलाश चन्द्र भदादा,प्रहलाद राय व्यास, कैलाश चन्द्र बाहेती, उस्मान पठान आदि ने सुझाव दिए।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/children-do-not-understand-but-elders-give-advice-6980351/

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