कोरोना के साथ डायबिटिज के मरीजों के लिए ४० बेड का अलग से बनाया वार्ड
भीलवाड़ा।
म्यूकर मायकोसिस (ब्लैक फंगस) के मामले बढऩे के साथ ही महात्मा गांधी चिकित्सालय प्रशासन ने अब कोरोना से संक्रमित व डायबिटिज के मरीजों को अलग रखना शुरू कर दिया है। इसके लिए ४० बेड का अलग से वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में उन्हीं मरीजों को अलग से रखा जा रहा है, जिनका शुगर लेवल काफी अधिक है। इन मरीजों को ऑक्सीजन व अन्य दवा देने से पहले डाक्टरों की कमेटी उनकी पूरी जांच करेगी।
एमजीएच के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि कोरोना संक्रमित रोगियों को वार्ड में भर्ती करने से पहले उनके शुगर के लेबल की जांच की जा रही है। शुगर अधिक आने पर उन्हें अलग वार्ड में भर्ती किया जा रहा है ताकि उनका उपचार उसी के अनुरूप किया जा सके। उन्हें ऑक्सीजन देने में भी पूरी सतर्कता बरती जा सके। कोरोना का उपचार ले रहे मरीजों को अस्पताल में दिए जा रहे ऑक्सीजन पर लगी हयूमिडिफायर बोटल से भी ब्लैक फंगस फैलने की संभावना रहती है। हयूमिडिफायर बोटल को कई दिनों तक साफ नहीं किया जाता या उसका पानी तक नहीं बदला जाता है। इसके चलते ऑक्सीजन सप्लाई में लगे हयूमिडिफायर बोटल में फंगस बन जाती है। यह फंगस नाक के जरिए दिमाग में जाने से मरीज को ब्लैक फंगस होने की संभावना है। इस सम्बन्ध में एमजीएच अधीक्षक डॉ गौड़ का कहना है कि सभी नर्सिग कर्मचारियों से कहा है कि हयूमिडिफायर बोटल का पानी २४ घंटे में बदले। उसमें सादा पानी का उपयोग ना करें। इसमें सलाइन या डिस्टिल वॉटर का ही उपयोग ही करें। संक्रमण से बचने के लिए ऑक्सीजन मास्क हयूमिडिफायर को स्टरलाइज करने को कहा गया है।
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/separately-constructed-ward-of-40-beds-for-patients-with-corona-6856994/
Comments
Post a Comment