चित्तौड़गढ़ से चार सौ सिलेण्डर कम कर दिए
सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
कोरोना के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने जिले में एक हजार बेड की व्यवस्था तो कर रखी है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के चलते सभी अधिकारी सोमवार को दिन भर मशक्कत करते नजर आए। शहर में विभिन्न अस्पतालों में लगभग ९०० मरीज भर्ती हैं। उन्हें 24 घंटे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में लगभग 1700 से 1800 ऑक्सीजन सिलेण्डर की प्रतिदिन की आवश्यकता है, लेकिन उदयपुर में कोरोना संक्रमण लगातार बढऩे से चित्तौडग़ढ़ से मिलने वाले 700 सिलेण्डर घटाकर 300 कर दिए। ऐसे में 400 सिलेण्डर की व्यवस्था करने में अधिकारियों के पसीने छूट गए है। हालांकि सरकार ने भीलवाड़ा के लिए किशनगढ़ प्लांट को अधिकृत कर दिया है, लेकिन वहां से सिलेण्डर मंगवाने में काफी परेशानी आ रही है।
सिलेण्डर की कमी को लेकर आईएमए अध्यक्ष डॉ. दुष्यन्त शर्मा ने मांडल विधायक रामलाल जाट से बात की। उदयपुर के संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट तथा जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते से भी बात की है। भट्ट ने बताया कि उदयपुर में कोरोना की संख्या बढऩे के कारण चित्तौडग़ढ़ से आपूर्ति कम की है, लेकिन बन्द नहीं की है। भीलवाड़ा के लिए उदयपुर से ऑक्सीजन लिक्विड किशनगढ़ भेजी गई है। संभावना है कि देर रात तक किशनगढ़ से 400 सिलेण्डर की आपूर्ति हो जाएगी। वहां से सिलेण्डर समय पर नहीं मिलने की स्थिति में आजोलिया का खेड़ा से भी सिलेण्डर मंगवाने की व्यवस्था की है। ऑक्सीजन की व्यवस्था सही नहीं होने पर पुन: चित्तौडग़ढ़ को एक-दो दिन में अपने पास लेने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक वि_लशंकर अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी को लेकर कलक्टर से मिला। संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट से भी चर्चा की है। देर रात तक किशनगढ़ से सिलेण्डर मिल जाएंगे।
दोनों अस्पतालों को अधिग्रहण करे
विधायक रामलाल जाट ने बताया कि कोरोना उपचार के दौरान लापरवाही सामने आने पर दो निजी चिकित्सालय की अनुमति रद्द कर दी थी। इन दोनों अस्पतालों में लगभग 40 बेड है। कई मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे है। जो राशि खर्च करके उपचार कराने में सक्षम है। ऐसे लोगों के लिए इन दोनों अस्पतालों का अधिग्रहण करके मरीजों का उपचार करने के लिए अस्पताल प्रबन्धक को पांबन्द करने के लिए कहा है। वही कोरोना सैम्पल की जांच के लिए निजी लैब पर जुर्माना लगाकर उसे पुन: शुरू करने के प्रयास करने चाहिए, ताकि सेम्पल के लिए लोगों को लम्बी कतार में एमजीएच परिसर में खड़ा नहीं रहना पड़े।
इनको इतने सिलेण्डर की आवश्कता
एमजीएच अस्पताल 430
सोनी हॉस्पिटल 70
अरिहन्त हॉस्पिटल 150
बृजेश बांगड़ 180
कृष्णा हॉस्पिटल 90
केशव पोरवाल 120
रामस्नेही चिकित्सालय 180
सिद्धी विनायक हॉस्पिटल 35
स्वास्तिक हॉस्पिटल 160
आयुष हॉस्पिटल 120
सीएचसी सेन्टर 150
कुल खपत 1735
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/four-hundred-cylinders-were-reduced-from-chittorgarh-in-bhilwara-6819381/
Comments
Post a Comment