यह कैसे बेरहम, रात को ही शव होस्पिटल से कर रहे बाहर


भीलवाड़ा। कोराना महामारी में निजी हॉस्पिटलों में हो रही कोरोना संक्रमितों की मौतों ने पीडि़त परिवारों को रातों में शवों को लेकर गली मोहल्ले में लेकर घूमने को मजबूर कर रखा है। बढ़ती शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन मौन है। How heartless it is to be out at night by the dead hospital in bhilwara

शहर में निजी चिकित्सालयों में कोरोना संक्रमण से मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को भी यहां चौबीस घंटे में नौ मौते हुई है, लेकिन दुखद पहलु यह है कि रात को मरीज की हो रही मौत को लेकर चिकित्सालय प्रशासन की तरफ से शवों को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। मौत होते ही शवों को तुरंत ले जाने के लिए परिजनों को बाध्य किया जा रहा है। ऐसे में शवों को रातों को एम्बुलेंस में रख कर कई परिवारों को गली मोहल्ले में घूमने या कॉलोनी से दूर रात के सन्नाटे में शवों को रखने की पीड़ा झेलनी पड़ रही है। परिजनों की पीड़ा है कि वह रात ११ बजे बाद शवों को लेकर कहा जाए।

परिवार बिलख पड़ा, मांगा सुबह तक का समय
सोमवार मध्यरात्रि में रात्रि ग्यारह बजे कोरोना संक्रमिति रोगी ने उपचार के दौरान शहर के एक निजी चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। चिकित्सालय प्रबंंधन ने पीडि़त परिवार को तुरंत बैड खाली करने व शव ले जाने के लिए कहा, परिवार ने मध्य रात्रि में शव को घर पर नहीं ले जाने की असक्षमता बताई और मोक्षधाम के द्वार भी बंद होने की दुहाई देते हुए सुबह तक का समय मांगा, लेकिन चिकित्सालय प्रबंधन ने उनकी नहीं सुनी। नगर परिषद सभापति राकेश पाठक ने समूचा मामला सामने आने पर चिकित्सालय प्रबंधन को मानवीय पहलु अपनाने की सीख दी, इसके बाद ही शव को मंगलवार अल सुबह परिजन ले जा सके।


निजी हॉस्पिटल बनाएं मोर्चरी

निजी चिकित्सालयों में रोगियों की मौत के बाद मानवीय पहलु नहीं रखा जा रहा है, आए दिन शिकायतें आ रही है। जिला प्रशासन को इस संदर्भ में ध्यान देना चाहिए, चिकित्सालय प्रबंधन को चाहिए कि वह मौजूदा हालातों को देखते हुए परिसर में एक मोर्चरी स्थापित कर, ताकि यहां रात में शव सुरक्षित रखा जा सके। नगर परिषद ने शवों को लाने ले जाने के लिए तीन एम्बुलेंस लगा रखी है, यह निशुल्क सेवा है।

राकेश पाठक, सभापति, नगर परिषद



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/how-heartless-it-is-to-be-out-at-night-by-the-dead-hospital-6822725/

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