वार्षिकोत्सव की रोक से विद्यालयों के विकास व उत्थान पर लगा ब्रेक

भीलवाड़ा।
सरकारी विद्यालयों में वार्षिकोत्सव के जरिए भामाशाहों से जेब ढीली करवाने में कोरोना का ग्रहण लग गया है। स्कूलों के विकास और उत्थान पर इसका असर पड़ा है। पहले से ही एक साल से स्कूलों पर ताले लटके थे। स्कूल अनलॉक हुए तो सरकार ने वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह करने की हरी झण्डी दी। लेकिन देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद इस निर्णय को वापस लेना पड़ा। इससे वार्षिकोत्सव के माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों को मदद और विद्यालयों को आर्थिक सहयोग पर भी ब्रेक लग गया। हालांकि सरकार ने आगामी तारीख तय करने की बात कही। लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उम्मीद नहीं लग रही।
यह लिया था सरकार ने निर्णय
सरकार ने स्कूलों के अनलॉक के बाद उच्च माध्यमिक, माध्यमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह आयोजन करने के निर्देश दिए गए। यह आयोजन पहले 20 मार्च तक करना था। लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 31 मार्च किया गया। लेकिन प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले और संक्रमण विद्यालयों तक पहुंच जाने से इसे बीच में रोक दिया गया।
दिल खोलकर दान, मिलता था सम्बल
वार्षिकोत्सव में गांव के जनप्रतिनिधि, भामाशाह, प्रबुद्ध लोगों को बुलाकर उनको अतिथि बनाया जाता था। कार्यक्रम के दौरान सरकारी विद्यालयों के विकास और जरूरतमंद बच्चों को सहायता के लिए कार्यक्रम के दौरान भामाशाह आगे आते थे और राशि की घोषणा करते थे। दिल खोलकर दान देने से विद्यालयों को सम्बल मिलता था। भामाशाहों का कार्यक्रम में सम्मान भी किया जाता था। बीच में कार्यक्रम रोक देने से आधे स्कूलों में वार्षिकोत्सव का आयोजन हो गया। कई विद्यालय अब भी कार्यक्रम से वंछित रह गए।
उदयपुर व भीलवाड़ा में विस्फोट, उसके बाद रोके कार्यक्रम
प्रदेश के उदयपुर व भीलवाड़ा में छात्रों के कोरोना पॉजिटिव आने और संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद आनन-फानन में वार्षिकोत्सव को रोक दिया गया। ताकी विद्यालयों में अनावश्यक भीड़ एकत्र ना हो और बच्चे संक्रमण की चपेट में नहीं आए।
इनका कहना है
कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह पर रोक लगाई है। यह सहीं है कि कार्यक्रम के दौरान भामाशाह से आर्थिक सहयोग मिलने से विद्यालयों के विकास को गति मिलती है।
प्रहलाद पारीक, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/ban-on-the-development-of-schools-due-to-annual-festival-ban-6770953/

Comments

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा के 70 वार्डो में पड़े मत प्रतिशत की स्थिति

भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

श्रुत पंचमी पर जिनवाणी की निकाली शोभायात्रा