प्रधान, सरपंच व पंच के बैठने की जगह नहीं

भीलवाड़ा।
राज्य सरकार ने जिले में १४ पंचायत व २ पंचायत समिति बना दी लेकिन प्रधान, सरपंच व पंचों के बैठने की जगह नहीं है। नई पंचायतों में पंचायत भवन नहीं हैं। इसी प्रकार बदनोर व करेड़ा पंचायत समिति का गठन कर दिया। प्रधान और सदस्यों के चुनाव हो गए लेकिन इनके कार्यालय भवन ही नहीं हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रधान, सरपंच व सदस्यों को किराए के भवन में बैठना पड़ेगा। गांवों की सरकार का अपना खुद का कार्यालय भवन कब बनेगा, अभी तय नहीं है। जिले की १४ पंचायतों के भवन नहीं हैं।
करेड़ा पंचायत समिति कार्यालय तहसील कार्यालय के ऊपर चलेगा। करेड़ा को पंस बने करीब एक साल हो गया। चुनाव हाल में हुए लेकिन अलग से भवन नहीं है। तहसील भवन दो मंजिला होने पर नीचे तहसील व ऊपर पंचायत समिति का कार्यालय होगा। बदनोर में अभी भवन नहीं है। ऐसे में वहां एक बालिका विद्यालय को प्रधान कार्यालय बनाया है। जिले की करीब १४ नई ग्राम पंचायतों के भवन भी स्वयं के नहीं हैं। यह सभी नवगठित ग्राम पंचायतें है। इनके सरपंच भी अन्य सरकारी भवन या फिर निजी भवनों से ही कामकाज करेंगे।
इनके पास नहीं खुद का भवन
पंचायत गिरधरपुरा, गारिया खेडा, मोठी, मालासेरी, लक्ष्मीखेडा, जालखेड़ा, भावलास, लिरडिया, नीम का खेड़ा, बिलियाकलां, गुवारड़ी, पातलियास, गठिलाखेड़ा, नई राज्यास पंचायत शामिल है। हालांकि इन सभी ग्राम पंचायतों के लिए जमीन आवंटित कर दी। इनका निर्माण कार्य मनरेगा योजना, ग्राम पंचायत के बजट के माध्यम से होगा।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/no-seating-area-for-head-sarpanch-and-panch-in-bhilwara-6571525/

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