चातुर्मास संपन्न हुआ,पर धर्म आराधना में ब्रेक नहीं लगे

भीलवाड़ा।
शांति भवन में विराजित साध्वी मैना कंवर के सानिध्य में चातुर्मास विदाई समारोह आयोजित हुआ। उन्होंने जीवन जीने की सीख देते हुए श्रावक श्राविकाओं से कहा कि साधु-साध्वी आते हैं तो भगवान और गुरु का संदेश लेकर आते हैं और वे श्रावकों की सेवा- समर्पण की भेंट लेकर जाते है। पांच माह सुखपूर्वक बीतने पर श्रीसंघ की प्रशंसा करते हुए कहा कि पांच महीनों में यहां पर धर्म प्रचार से लोगों में आध्यात्मिक व वैचारिक क्रांति का सूत्रपात हुआ है साध्वी ज्योतिप्रभा ने कहा कि संत अपने शिष्यों, भक्तों को कभी छोड़कर नहीं जाते। जिसके सिर पर गुरुवर का हाथ होता है, उसे डरने की जरुरत नहीं। चातुर्मास जरूर सम्पन्न हुआ है, लेकिन धर्म-आराधना में ब्रेक नहीं लगाना है।
संघ अध्यक्ष राजेंद्र चीपड़ ने कहा कि पुरुषार्थ हम करते हैं, उसमें गुरु-भगवंतों का आशीर्वाद साथ हो तो वह कार्य निश्चित ही पूर्ण और मंगलकारी होता है। जैन कॉन्फ्रेंस की प्रांतीय अध्यक्ष पुष्पा गोखरू, मंत्री सुरेंद्र सिंह चौधरी, शांति जैन महिला मण्डल की संरक्षक इंदिरा बाफना मंत्री कनकावती चंडालिया ने भी विचार रखे। चातुर्मास में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए संघ के मीडिया प्रभारी मनीष बंब को स्मृति चिन्ह, शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बसंतीलाल आंचलिया, दिलीप संचेती, विक्रम सिसोदिया को भी स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में चातुर्मास में प्रत्याख्यान लेने वाली श्राविकाओं का शांति जैन महिला मंडल की ओर से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में सहमंत्री गोपाल लोढ़ा, कोषाध्यक्ष मदन लाल सिपानी, चातुर्मास संयोजक नवरत्नमल बंब, कंवरलाल सूर्या, कन्हैया लाल चौधरी, केसर सिंह मारू, बसंत डांगी उपस्थित थे।



source https://www.patrika.com/bhilwara-news/chaturmas-were-completed-but-there-was-no-break-in-religious-worship-6546312/

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