लाखों बहा दिए, फिर भी पता नहीं लगा क्यूं आ रही दरारें
लाखों बहा दिए, फिर भी पता नहीं लगा क्यूं आ रही दरारें
भीलवाड़ा। उपनगर पुर में मकानों मे आई दरारों का रहस्य जानने के लिए लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद वास्तविक कारणों का खुलासा लम्बी पड़ताल के बावजूद अभी तक नहीं हो सका है। इतना ही नहीं देश की सर्वोच्च रूडकी की जांच एजेंसी भी पड़ताल कर गई। इन सबके बीच जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को आवंटित भूखंडों को लेकर भी नगर विकास न्यास व क्षेत्र के लोगों के बीच विवाद की स्थिति अभी भी दूर नहीं हो सकी है।
उपनगर पुर में मकानों में रहस्यमय तरीके से आई मकानों में दरार का रहस्य जाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत वर्र्ष क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंनंें प्रभावित परिवारों के लिए नया पुर बसाने एवं मकानों में आ रही दरारों का रहस्य जाने के लिए जांच देश की प्रमुख सरकारी एजेंसियों द्वारा कराए जाने की घोषणा की थी। दोनों ही घोषणाओं पर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।
नगर विकास न्यास ने नया पुर बसाने के लिए क्षेत्र चिंहित कर भूमि अवाप्त कर ली। रूडकी समेत अन्य जांच एंजेसियां भी उपनगर पुर आई, वैज्ञानिकों ने भी कई दौरे किए, एजेंसियों की जांच में अभी तक क्या ठोस जानकारी सामने निकल कर आई, इसकी पृष्टि अभी तक नहीं हो सकी। Lakhs have been shed, still no trace of cracks in bhilwara
५० हजार से कम नुकसान पर क्या होगा
जिला प्रशासन ने पुर में मकानों में दरार आने से प्रभावित परिवारों का सर्वे जलसंसाधन विभाग एवं नगर परिषद के जरिए कराए जाने के बाद नए सिरे से न्यास से तीसरी बार सर्वे कराया। तीनों सर्वे में कुल ४५८५ परिवारों ने दरारों से मकानों में नुकसान आने का दावा करते हुए मुआवजे का हकदार बताया। जबकि राज्य सरकार ने ५० हजार से अधिक नुकसान होने से प्रभावित लोगों को हकदार मानते हुए मुआवजा राशि के लिए ही पात्र माना। पचास हजार से कम नुकसान वाले परिवारों को किस प्रकार से मुआवजा दिया जाएगा, यह स्थिति अभी जिला प्रशासन से लेकर न्यास तक में स्पष्ट नहीं है।
६० पात्र के दावों की हो रही जांच
जिला प्रशासन द्वारा नोडल एजेंसी नियुक्त किए जाने के बाद नगर विकास न्यास ने रामप्रसाद लढ़ा नगर योजना व नया पुर योजना में नया पुर बसाने के लिए भूमि अवाप्त की। तय मापदंड के आधार पर न्यास ने ६९३ परिवारों को ७ मार्च २०२० को लॉटरी के द्वारा नुकसान के आधार पर भूखंडों का आवंटन किया, जबकि ६० परिवारों के मुआवजे के आंकलन पर आपत्ति किए जाने पर उन्हें लॉटरी में शामिल नहीं किया गया। इनकी पात्रता की अभी पड़ताल जारी है। न्यास ने रामप्रसाद लढ़ा नगर विस्तार में ३३३ व नया पुर नगर में ३६० भूखंड आवंटित किए है।
दोबारा नहीं करेंगे क्षतिपूर्ति
दोबारा नहीं करेंगे क्षतिपूर्ति की मांग पर विवाद न्यास द्वारा निशुल्क भूखंड दिए जाने के संबंध में जो शर्ते रखी गई है, उसको लेकर आवंटियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पुर संघर्ष समिति का कहना है कि यूआईटी द्वारा वितरित किए जा रहे भूखंड के आवेदन की शर्त संख्या चार में भूखंड के आवंटन के पश्चात क्षतिग्रस्त आवास की क्षतिपूर्ति की मांग में भविष्य में नहीं करने की जो शर्त रखी गई है वो अनुचित है। समिति का कहना है कि इसी प्रकार जिंदल सॉ को भूमि देने के संबंध में समिति द्वारा ६ मार्च 2020 को दर्ज कराई आपत्ति की सूचना न्यास द्वारा सुनवाई की तारीख निकलने के पश्चात दी गई, वो भी अनुचित था।
सभी को मिलें मुआवजा
समिति अध्यक्ष छोटू लाल आटारिया ने बताया कि ब्लास्टिंग से पुर की जनता को हुए नुकसान भरपाई, मकानों की पूर्व में हुई लॉटरी के बाद शेष मकान का सर्वे कराकर भूखंड आवंटित कराने की मांग रखी गई है।
सीएम की घोषणा पर अमल
सीएम के राहत पैकेज की घोषणा के अनुरुप उपनगर पुर के प्रभावितों के लिए निशुल्क भूखंडों का आवंटन किया गया है। कुछेक पात्र परिवारों के आपत्ति दावे की पड़ताल के बाद उन्हें भी भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे। वंचित परिवारों को मुआवजे की नीति क्या रहेगी, यहा सरकार के जरिए ही स्पष्ट होगा
नितेन्द्र पाल सिंह, सचिव, नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा
source https://www.patrika.com/bhilwara-news/lakhs-have-been-shed-still-no-trace-of-cracks-6296790/
Comments
Post a Comment